Wednesday, May 6, 2026
- Advertisement -

बिना लोभ वाली भक्ति ही परमात्मा को स्वीकार

  • चिन्मयानंद बापू ने सीता की विदाई का भावपूर्ण वर्णन किया
  • दहेज प्रथा पर रोक लगाने की अपील की मंच से

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: भैंसाली मैदान की पावन धरा पर चल रही श्रीराम कथा के छठवें दिन दिन कथा को आगे बढ़ाते हुए चिन्मयानंद बापू ने कहा कि राम विवाह के पश्चात महाराज जनक में बहुत सारी वस्तुएं सीता जी को उपहार के स्वरुप में दी। बापूजी ने कहा की आजकल विवाह शादियों में जो दहेज मांगने की प्रथा हो रही है

यह समाज के लिए घातक है। दहेज मांग कर हम अपने आप को छोटा बनाते हैं और सामने वाले की नजर में भी अपने आप को गिराते हैं। मंच के माध्यम से दहेज प्रथा का खुलकर विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे भिखारियों के यहां बिल्कुल अपनी बेटियों की शादी ना करें। जो लोग दहेज मांग कर शादी को भी सौदा में परिवर्तित करते हैं।

17 5

उन्होंने मंच के माध्यम से कहा की हर मां बाप चाहते हैं कि हम अपनी बेटियों को ज्यादा से ज्यादा धन दौलत समर्पित करें और सब को अपने बच्चों की फिक्र है। इसलिए समाज में दहेज प्रथा पर रोक लगनी चाहिए। कथा की क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि महाराज जनक द्वारा जो भी वस्तु उपहार स्वरूप दी गई थी। महाराज दशरथ ने अयोध्या पहुंचकर सारी वस्तुएं अपनी प्रजा में बांट दी और यही होना चाहिए यदि हम सक्षम हैं तो हमें परहित और परमार्थ में ही अपने धन को लगाना चाहिए।

बाद में कथा को राम वनवास की ओर मुड़ते हुए बापूजी ने कहा महाराज दशरथ और प्रजा के चाहते हुए भी भगवान राम राजा नहीं बन सके और दो वरदानों का मान रखने के लिए उन्हें वन जाना स्वीकार किया। यहां पर बापूजी ने कहा कि हर बेटे का धर्म होता है कि वह अपने पिता के वचनों का सम्मान करें और उनका पालन करें। भगवान राम के जीवन से यही हमें यही शिक्षा मिलती है। बाद में निषादराज और भगवान श्री राम के मिलन की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा वन जाते समय भगवान एक रात श्रृंगवेरपुर में निवास किए और निषादराज से भेंट की

उन्होंने कहा कि निषादराज छोटी जाति के होते हुए भी भगवान ने उन्हें गले लगाया मानो भगवान ने हमें यह उपदेश दिया कि यहां पर जात पात ऊंच-नीच का कोई भेद नहीं है। सब परमात्मा के द्वारा उत्पन्न किए गए हैं और सभी समान रूप से है। इसलिए हमें भी समाज में यह भाव खत्म करना पड़ेगा। केवट प्रसंग की कथा सुनाते हुए बापू ने कहा की केवट की भक्ति में ना तो लोभ हैं और ना ही भय।

16 6

परमात्मा को भी उसी व्यक्ति की भक्ति स्वीकार होती है जिसकी कोई मांग ना हो और केवट की तरह निर्मल मन और निष्कपट भाव हो। आयोजक मंडल में कथा अध्यक्ष डॉ. रामकुमार गुप्ता मुख्य यजमान रवि माहेश्वरी मुख्य सयोजक ज्ञानेंद्र अग्रवाल सयोजक हर्ष गोयल महांमत्री अमित गर्ग मूर्ति स्वागत अध्यक्ष सुनील अग्रवाल प्रचार मंत्री संजीव गुप्ता कोषाध्यक्ष अनिल मित्तल, मैनकाइंड से संजय बंसल, एमपीएस ग्रुप की कुसुम शास्त्री, मीडिया प्रभारी अमित शर्मा रहे।

बापू चिन्मयानंद ने किया पौधरोपण

मेरठ: रविवार सुबह 11:00 बजे गढ़ रोड से हापुड़ रोड स्थित शास्त्रीनगर के मुख्य मार्ग पर पीवीएस के निकट हरीतिमा संस्था द्वारा पौधरोपण किया गया। जिसका शुभारंभ विश्व विख्यात संत बापू चिन्मयानंद व मेरठ-हापुड़ लोकसभा के सांसद राजेंद्र अग्रवाल की उपस्थिति में पीपल, शमी, रुद्राक्ष, ढाक, मोर पंखी आदि पर्यावरण के रक्षक के रूप में पौधरोपण किया गया।

इस अवसर पर भाजपा नेता एवं कार्यक्रम के संयोजक आलोक सिसोदिया, सांसद प्रतिनिधि हर्ष गोयल आदि ने भी पौधे रोपित किये। इस अवसर पर डॉ. सुमित उपाध्याय ने अतिथियों को ढाक का वृक्ष भेंट किए। इस अवसर पर डॉ. सुमित उपाध्याय, डॉ. आलोक अग्रवाल, डॉ. तरुण गोयल, डॉ. आशु मित्तल, डॉ. विकास गर्ग, डॉ. राजकुमार बजाज, अनुज शर्मा, निकुंज गर्ग आदि मौजूद रहे।

बापू चिन्मयानन्द ने किया वेदांता डेंटल क्लीनिक का उद्घाटन

रविवार को राष्टÑीय संत बापू चिन्मयानन्द ने वेदांता डेंटल क्लीनिक का उद्घाटन किया। इस दौरान आधुनिक मशीनों को जनता के लिए शुरू किया गया। क्लीनिक संचालक डा. वेदांत कंसल ने बताया क्लीनिक में आधुनिक मशीनों से मरीजों का इलाज किया जाएगा। सेवा भाव से मरीजों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी, एक सप्ताह तक मरीजों को विशेष छूट पर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

जो मरीज फीस देने की स्थिति में नहीं होंगे उनका मुफ्त चेकअप किया जाएगा। इस दौरान बापू चिन्मयानन्द नें डा. वेदांत कंसल के पिता अमन गुप्ता, दादा जयभगवान कमल, माता ममता गुप्ता व पूरे परिवार को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, राज्यमंत्री संजीव सिक्का, पूर्व विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, कमल दत्त शर्मा, अमन गुप्ता, संजीव गुप्ता, नीरज मित्तल, अजय गुप्ता नटराज, अंकित अग्रवाल, ज्ञानेन्द्र अग्रवाल, अंकित सिंघल, विनोद भारती, प्रिया अग्रवाल, अनंत मित्तल, डा. हिमानी अग्रवाल, डा. अनिल कपूर, सीए सुधीर मित्तल व सुधीर मित्तल मौजूद रहे।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

संघर्ष का गणित और सफलता

कई बार एक कठिन प्रश्न को समझने के लिए...

हम छात्रों को क्या सिखाना भूल जाते हैं?

डॉ. विजय गर्ग दुनिया भर की कक्षाओं में शिक्षा को...

मिश्रा जी लाइक्ड योर स्टेटस

बनारस की उस पुरानी पुश्तैनी हवेली के दालान में...

उजाड़ना था तो बसने क्यों दिया था?

पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या और भी व्यापक...

‘भगवा’ राजनीति का विस्तार

2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय...
spot_imgspot_img