- गड़बड़ी की तो खैर नहीं, शहर के अतिसंवेदनशील 20 प्वाइंटों पर रहेंगी भारी फोर्स
- डीजीपी के ड्रोन से नजर रखने तथा धर्म गुरुओं से संपर्क के निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में लोकसभा चुनाव का माहौल और रमजान माह का जुमा अलविदा इसके चलते आज फोर्स हाईअलर्ट पर रहेगी। फोर्स ही नहीं आला अफसर भी अलर्ट मोड पर मुस्तैद रहेंगे। इसको लेकर सूबे के डीजीपी ने बाकायदा हिदायत दी है। तमाम सीओ व थानेदारों को उनके अपने इलाकों में लगातार राउंड पर रहने तथा जुमा की नमाम के दौरान कोई कोताही न बरते जाने को कहा गया है।
शहर में 20 ऐसे प्वाइंट हैं जो अतिसंवेदनशील और संवेदनशील की श्रेणी में आते हैं। इन तमाम पर आज भारी पुलिस फोर्स तैनात रहेगी। सुबह छह से आठ बजे के बीच तमाम प्वाइंटों पर फोर्स को लगा दिया जाएगा। साथ ही कुछ इलाकों में जहां साल 2019 की हिंसा हो चुकी है। उन इलाकों में फोर्स का फ्लैग मार्च भी कराया जाएगा। रमजान माह में पूर्व में लिसाड़ी रोड सरीखे इलाकों में फोर्स का फ्लैग मार्च निकाला भी जा चुका है।
फ्लैग मार्च में सीआरपीएफ व रिजर्व फोर्स के जवान शामिल रहेंगे। लिसाड़ीगेट के भूमिका का पुल, लिसाड़ी रोड, पिलोखड़ी रोड, श्याम नगर, विकासपुरी, पुराना कमेला इलाका, गोला कुआं। नौचंदी थाने का हापुड़ रोड, नौचंदी, जाकिर कालोनी तथा ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के कई ऐसे इलाके हैं जो अतिसंवेदनशील शील इलाकों की फेहरिस्त में शामिल हैं।
ड्रोन से निगरानी
जुमा अलविदा के मौके पर असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए ड्रोन उड़ाया जाएगा। डीजीपी ने भी हिदायत दी है कि जुमा अलविदा पर ड्रोन से निगरानी की जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने तमाम धर्म गुरुओं से भी संवाद कायम करने को कहा है। कई थानों में सीओ स्तर के पुलिस अधिकारियों ने आज थानों में बुलाकर धर्म गुरुओं से वार्ता की। प्रशासन से सहयोग का आग्रह किया। साथ ही यह भी कि जुमा की नमाज के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाए कि सड़क पर नमाज न हो। सभी से आग्रह किया गया है कि नमाज परिसर के भीतर ही करायी जाए।
दो प्वाइंटों पर अफसर
जुमा अलविदा की नमाज के दौरान हालात पर नजर रखने के लिए शहर के बेगमपुल चौराहा और शहर घंटा पर ही प्रशासन व पुलिस के आला अफसर मुस्तैद रहेंगे। बेगमपुल पर संभवत एसएसपी रोहित सिंह सजवाण खुद कमान संभालेंगे। पूर्व में भी बेगमपुल ही स्टैंडबाई पर रहने के लिए चुना जाता रहा है। कुछ ऐसा ही इंतजाम शहर घंटाघर पर एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के नेतृत्व में रहेगा। इसके अलावा रिजर्व फोर्स, दमकल वाहन तथा बाहर से मंगाए गए सुरक्षा बल भी आज स्टैंडबाई पर रहेंगे।

रमजान का आखिरी जुमा आज, रहेगी कड़ी सुरक्षा
पवित्र रमजान माह के आखिरी जुमे (जुमा अलविदा) की नमाज शुक्रवार को अदा की जाएगी। बड़ी संख्या में लोगों की भारी भीड़ मस्जिदों में उमड़ेगी। शाही जामा मस्जिद में शहर काजी प्रो. जैनुस साजेदीन जुमे की दो रकआत नमाज अदा कराएंगे। जुमा अलविदा पर शहर भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। रमजान का पहला रोजा 12 मार्च को था और पहला जुमा 15 मार्च को।
इसके बाद 22 और 29 मार्च को रमजान के क्रमश: दूसरे व तीसरे जुमे की नमाज अदा की गई। अब 5 अप्रैल को रमजान के अलविदा जुमे की नमाज शहर भर की विभिन्न मस्जिदों में अदा की जाएगी। उधर शहर काजी प्रो. जैनुस साजेदीन व आॅल इण्डिया मिल्ली काउंसिल के जिलाध्यक्ष कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने सभी मुसलमानों से अपील से अपील की है कि वो ईद की नमाज से पूर्व सदका ईद उल फितर हर हाल में अदा कर दें। कोतवाली स्थित शाही जामा मस्जिद सहित इमलियान मस्जिद, अख्तर मस्जिद, हौज वाली मस्जिद, पत्थर वाली मस्जिद, रशीदिया मस्जिद, मिन्नी वाली मस्जिद, एक मिनारा मस्जिद, मस्जिद अबु बकर
व मस्जिद अमीर हमजा सहित शहर भर की विभिन्न मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ेगी। इसके अलावा शिया मुसलमान भी जुमा अलविदा की नमाज रेलवे रोड स्थित वक्फ मनसबिया परिसर में अदा करेंगे। जुमा अलविदा की नमाज को देखते हुए शहर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जाएंगे। पुराने शहर तथा मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। हालिया कुछ घटनाओं के मद्देनजर प्रशासन ने हर शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था बरती है।
उलेमाओं ने सड़कों पर नमाज की मांगी इजाजत
जुमा अलविदा और ईद उल फितर की तैयारियों के सिलसिले में जमीयत उलेमा ए हिन्द का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को आईजी नचिकेता झा से मिला और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। उलेमाओं की दलील थी कि जब सड़कों पर अन्य धर्मों के धार्मिक आयोजनों की अनुमति है तो फिर मात्र 10 मिनट में पूरी हो जाने वाली नमाज की अनुमति क्यों नहीं। इन उलेमाओं ने आईजी और जिलाधिकारी से मांग की कि जुमा अलविदा और ईद की नमाज के दौरान यदि नमाजी सड़कों तक आते हैं तो उन्हे नमाज पढ़ने की इजाजत दी जाए और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न हो।
उलेमाओं ने यह भी मांग की कि ईद के दिन शाही ईदगाह के बाहर (दिल्ली रोड पर) विभिन्न राजनीतिक दलों व अन्य सामाजिक संगठनों को अपने अपने कैम्प लगाने की अनुमति प्रदान की जाए ताकि लोग इन कैम्पों में भी नमाज अदा कर सकें। जमीयत के प्रतिनिधिमंडल में शामिल उलेमाओं ने आईजी व डीएम से मिलने के बाद नगर आयुक्त से भी मुलाकात की और उन्हें भी एक मांग पत्र सौंपा। उलेमाओं ने ईद के दिन सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की।
उन्होंने बिजली पानी से लेकर साफ सफाई की व्यवस्था सुचारु करने की मांग भी की। इसके अलावा शाही ईदगाह व शाही जामा मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों के इर्द गिर्द सुरक्षा व्यवस्था और सफाई करवाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में जमीयत के शहर अध्यक्ष काजी जैनुल राशेदीन, प्रवक्ता हाजी शीराज रहमान, महामंत्री कारी सलमान कासमी, हाजी इमरान सिद्दीकी, हाजी हनीफ कुरैशी, अख्तर आलम, फारुक अंसारी, हाजी इरशाद, अय्यूब अंसारी, साबिर खान, तनवीर, नासिर सैफी, हारुन, सलीमुद्दीन, रियासत अली एडवोकेट आदि मौजूद रहे।

