- सड़कों पर भीड़, बिना मास्क के घूम रहे लोग
- आरटीपीसीआर जांच के लिए परेशान लोग वैक्सीन का टोटा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना के बढ़ते संक्रमण और शहर में गाइड लाइन के हो रहे उल्लंघन के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिस तरह से संपूर्ण लॉकडाउन की सलाह दी है उसको देखते हुए शहर में भी ऐेसे हालात बनते दिख रहे हैं। सड़कों और बाजारों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है और अस्पतालों में वैक्सीन का टोटा हो गया है।
कोरोना के कारण संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन प्रशासन के बार बार सख्ती के बाद भी पुलिस कोरोना के नियंत्रण के लिये बिना मास्क वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। अस्पतालों में ओपीडी बंद कर दी गई है।
कोरोना के लिये बनाए गए अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं और 800 से अधिक लोग होम क्वारंटाइन है। सड़कों पर इस कदर भीड़ उमड़ रही है कि सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार हो रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ बैठकों में ही लगे हुए हैं। हाईकोर्ट के आदेशों का अगर पालन नहीं हुआ तो कोरोना पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाएगा।
डीएम ने की कोरोना नियंत्रण की समीक्षा
डीएम के. बालाजी ने मंगलवार को कोरोना महामारी के नियंत्रण के संबंध में अधिकारियों के साथ अपने कार्यालय कक्ष में बैठक करते हुये कहा कि आमजन को मास्क का उपयोग करने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व नियमित अंतराल पर हाथ धोने या सैनिटाइजर का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाये।
वहीं उन्होने एलएलआरएम मेडिकल कालेज में प्रधानाचार्य, मेडिकल कालेज के साथ बैठक कर कहा कि जो भी कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलता है उसका कांट्रेक्ट ट्रेसिंग ठीक प्रकार से कराया जाये। कहा कि कोरोना के नियंत्रण के लिए सावधानी व सतर्कता बनाये रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होने कहा कि कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए आमजन का सहयोग अपेक्षित है।
वहीं, मेडिकल कालेज में उन्होंने कहा कि मरीजों को अच्छा उपचार समय से उपलब्ध हो यह अति आवश्यक हैं। उन्होंने मरीजों को अच्छा भोजन, वातावरण देने के लिए कहा तथा कहा कि परिवार के सदस्यों की तरह उनकी सेवा की जाये।
जिला उद्यान अधिकारी समेत पांच की मौत, 299 कोरोना संक्रमित
जिला उद्यान अधिकारी समेत कोरोना से पांच की मौत हो गयी। जबकि संक्रमण के 299 केस भी आए हैं। हालांकि मंगलवार को जारी किए गए कोरोना अपडेट में सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने 71 सन शाइन एन्क्लेव रुड़की रोड निवासी 55 वर्षीया महिला व सरधना के गांव जोहरा निवासी 22 वर्षीय युवक की मौत की ही पुष्टि की है। जबकि मृतकों में पिछले चार साल से मेरठ में तैनात रहे जिला उद्यान अधिकारी आरएस चौहान, मेडिकल की मेट्रन स्मिता के पति अरुण निवासी सोमदत्त विहार मेडिकल व साहिल शर्मा नाम के शख्स की मौत हुई है।
मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि अरुण व साहिल शर्मा को मेडिकल में दूसरे अस्पतालों से लास्ट स्टेज पर भेजा गया। जहां पूर्व में उनका इलाज चल रहा था। वहां से डिस्चार्ज किए जाने के बाद मेडिकल के चिकित्सकों के लिए कोई विकल्प नहीं छोड़ गया था।
लास्ट स्टेज में भेजे जाने की वजह से उपचार के दौरान उनकी मौत हो गयी। वहीं, दूसरी ओर यदि संक्रमितों की बात की जाए तो मेडिकल के सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएन तिवारी की रिपोर्ट भी कोरोना संक्रमित आयी है। वो होम क्वारंटाइन हो गए हैं।
संक्रमण की यदि बात की जाए तो सरधना में हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे हैं। वहां संक्रमण के 16 नए केस मिले हैं। इनमें 13 केस हाथा इसाइयान व कस्बे में तीन अन्य केस भी शामिल हैं। इसके अलावा शास्त्रीनगर एल ब्लॉक में भी संक्रमण के आठ केस मिले हैं। संक्रमितों में कामकाजी घरेलू महिलाएं, छात्र, कारोबारी, कैदी, मजदूर, शिक्षक, मजदूर, किसान, आर्मी पर्सन, डाक्टर व हेल्थ केयर वर्कर भी शामिल हैं।
नाइट कर्फ्यू का जायजा लेने एडीजी बेगमपुल पर
कोरोना संक्रमण को लेकर शासन की चिंता व सख्ती के चलते देर रात एडीजी राजीव सब्बरवाल समेत पुलिस तमाम आलाधिकारी बेगमपुल पहुंचे। यहां काफी देर तक अधिकारियों का अमला डटा रहा। एडीजी, एसएसपी, एपी सिटी व एएसपी सरीखे अधिकारियों के सड़कों पर उतरने की खबर के बाद पूरे महानगर में तमाम थानों की पुलिस अलर्ट मोड पर थी। सभी थानेदार राउड पर थे। नाइट कर्फ्यू के दौरान सड़कों दिखने वालों की जमकर खबर ली जा रही थी।

