- डाक्टर से मारपीट, जूनियर डाक्टरों ने परिजनों के माफी न मांगने पर दी आंदोलन की धमकी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग में भर्ती एचआईवी पीड़ित मरीज की मौत पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया और जूनियर डाक्टर के साथ मारपीट कर घायल कर दिया। बाद में जूनियर डाक्टरों ने बैठक कर परिजनों के माफी न मांगने पर आंदोलन की धमकी दी।
मेडिकल कॉलेज में रणवीर नाम के मरीज उम्र 35 वर्ष निवासी माधवपुरम को आईआई एमटी लाइफलाइन हॉस्पिटल से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां उसे एचआईवी पाजिटिव बताया गया था। दोपहर रणवीर को मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डा. राहुल गोयल के अधीन मेडिकल कॉलेज आपातकालीन विभाग में भर्ती किया गया।
रणवीर पहले से ही एचआईवी पाजिटिव था तथा अल्कोहलिक लिवर डिजीज से ग्रसित तथा गंभीर रूप से बीमार था। मेडिकल कालेज में मरीज का इलाज शुरू किया परंतु मरीज की दोपहर दो बजे मृत्यु हो गयी। जिसकी सूचना मरीज के तीमारदारों को दी गयी तथा शव को ले जाने के लिए कहा गया।

परिजनों ने कहा कि थोड़ी देर में घर से कुछ और लोग आ रहे हैं। उसके थोड़ी देर बाद 12-15 लोग जो कि रणवीर के तीमारदार बता रहे थे मेडिकल कॉलेज आपातकालीन विभाग में अंदर घुस गये तथा ड्यूटी पर तैनात मेडिसिन विभाग के जूनियर डाक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज तथा मारपीट की। जिसमें रेजीडेंट डाक्टर को गंभीर चोट आयी हैं।
मौके पर उपस्थित मेडिकल आॅफिसर डा. दिवाकर सिंह ने पुलिस को फोन कर बुलाया तथा गार्ड दूसरे डाक्टरों ने तथा स्वयं डा. दिवाकर सिंह ने भीड़ में घुसकर जूनियर डाक्टर को बचाया। मेडिकल कालेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डा. ज्ञानेश्वर टांक ने बताया कि मेडिकल थाने में घटना की तहरीर दे दी गई है। जूनियर डाक्टरों के साथ इस तरह की घटना अति निंदनीय है। पुलिस घटना की विवेचना कर रही है। मेडिकल थाने के प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि दोषियों की शिनाख्त कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी।

