- इस बार बाजार से चाइनीज पिचकारियां हुई गायब
जनवाणी संवाददाता |
शामली: रंगों के त्यौहार होली पर बाजारों में खरीदारी शुरू हो गई है। बाजारों में खरीदारी को आने वाले लोगों की खासी भीड़ नजर आ रही है। इस बार की होली पर अपना वर्चस्व कायम रखने वाला चाइना बाजार धड़ाम है। चाइनीज पिचकारी और अन्य सामान बाजार से गायब हैं। बाजार सुंदर एवं आकर्षक देशी पिचकारियों से पटा पड़ा है।
इस बार 17 मार्च को होली और 18 मार्च को दुल्हैंडी (फाग) का त्यौहार धूमधाम के साथ मनाया जाएगा जिसको लेकर व्यापारियों ने पूरी तैयारियां की हुई है। शहर के बड़ा बाजार, गांधी चौक, नया बाजार, सुभाष चौक, कबाडी बाजार, नेहरु मार्किट, टीकाराम मार्किट, वीवी इंटर कालेज रोड, हनुमान रोड आदि पर होली की दुकानें सजी हुई है। रंग, गुलाल के साथ ही विभिन्न प्रकार की आकर्षक पिचकारियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
इस साल की खास बात यह है कि कई सालों से बाजार पर अपना कब्जा करने वाला चाइना बाजार इस बार पूरी तरह से धड़ाम है। बाजार से चाइनीज माल गायब है। जिसका लाभ देशी कंपनियों को हो रहा है। लोग देशी पिचकारियों को ही ज्यादा महत्व दे रहे हैं जिसके चलते हाथों हाथ पिचकारियों की खरीद की जा रही है। एक व्यापारी दीपक ने बताया कि दिल्ली, मुंबई आदि की कंपनियों ने होली में इस बार हजारों किस्म की पिचकारियां बाजार में उतारी हैं जो देखने में आकर्षक है।
स्वदेशी पिचकारियों में सबसे ज्यादा पिठ्ठू पिचकारी पसंद की जा रही है। दिल्ली से भी 100 से ज्यादा नए डिजाइन की पिचकारियां आई हैं जिनकी कीमत 100 रुपये से 350 रुपये तक है। इस बार स्वदेशी कंपनियों ने एरियल स्प्रे मार्किट में निकाला है जिससे 100 मीटर तक रंगों का कोहरा से नजर आने लगता है।
इसके अलावा राजस्थानी पगड़ी, मास्क और विभिन्न स्लोगन लिखी टीशर्ट की भी खासी धूम है। यूरोपियन डिजाइन का हैट, कार्टून पात्रों के मुखौटे, दाढ़ी मूंछ, डरावना मुखौटा आदि भी बाजार में दुकानों पर सजे हुए हैं।

