जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास रविवार देर रात एक बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। एक पैसेंजर ट्रेन (मेमू) और मालगाड़ी के बीच हुई भीषण टक्कर में कम से कम 11 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हादसा इतना जोरदार था कि पैसेंजर ट्रेन का पहला कोच मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया।
रेलवे और जिला प्रशासन ने तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू किया। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में कई यात्रियों को कोच से बाहर निकाला गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शी का दर्दनाक बयान
पैसेंजर ट्रेन में सवार संजय विश्वकर्मा (35 वर्ष) ने हादसे के भयावह क्षणों को याद करते हुए बताया कि वह पहले डिब्बे में बैठे हुए मोबाइल चला रहे थे। उन्होंने कहा, “सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक जोरदार धमाका हुआ। ट्रेन किसी चीज से टकराई और खिड़कियों के शीशे टूट गए। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। अंधेरा छा गया और लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे।”
संजय के अनुसार, टक्कर के बाद उनका डिब्बा सीधे मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। “जब होश आया, तो मैं अपनी सीट के नीचे फंसा था। सामने तीन लोगों के शव पड़े थे, जिनमें एक महिला भी थी। वो दृश्य आज भी आंखों के सामने घूमता है।”
संभावित कारण और जांच
रेलवे बोर्ड के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि मेमू ट्रेन के चालक ने लाल सिग्नल को नजरअंदाज कर दिया, जिससे यह हादसा हुआ।
हालांकि, विस्तृत जांच (इंक्वायरी) के बाद ही वास्तविक कारण की पुष्टि की जाएगी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रेन का अगला कोच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटनास्थल पर एनडीआरएफ, पुलिस और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राहत और बचाव कार्य
बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि देर रात तक दो यात्री कोच में फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। प्रशासन ने कहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई घायलों की स्थिति गंभीर है।
मुआवजा और सरकारी सहायता
रेलवे ने हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों को ₹10 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ₹5 लाख, मामूली रूप से घायल यात्रियों को ₹1 लाख की सहायता राशि दी जाएगी। रेल मंत्री ने घटना पर शोक जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
घटना की पृष्ठभूमि
हादसा गतोरा स्टेशन से लगभग 500 मीटर आगे हुआ, जब बिलासपुर-अकालतरा मार्ग पर चल रही मेमू ट्रेन मालगाड़ी से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई डिब्बों के पुर्जे क्षत-विक्षत हो गए। हादसे के बाद रेल यातायात कई घंटों तक बाधित रहा।

