- सोशल मीडिया पर हनी ट्रैप मैसेज के शिकारों की संख्या बढ़ी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हॉट मैसेज भेजकर लोगों को अपने जाल मेें फंसा कर हनी ट्रैप का शिकार बनाने वालों की बाढ़ आ गई है। लड़कियां बनकर लोगों को फंसा कर ब्लैकमेल करने के मामले साइबर सेल में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। युवा हो या समझदार लोग इनके हॉट मैसेज के प्रभाव में आकर अपना बैंक एकाउंट खाली करने में लगे हुए हैं। इस तरह के मैसेज वाट्सऐप पर काफी तादाद में आ रहे हैं।
क्या आप मुझसे दोस्ती करेंगे। विभिन्न नामों से आ रहे लड़कियों के मैसेज का रिप्लाई करते ही हनी ट्रैप की प्रक्रिया शुरु हो जाती है। कथित लड़की जो हकीकत में नहीं है वो तमाम तरह के प्रलोभन देकर युवकों को फंसाकर फिर उनके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरु कर देती है। इज्जत और सामाजिक मर्यादा के दबाब में आकर युवक से मनमानी रकम वसूली जाती है।
कई मामलों में युवक यह तनाव झेल नहीं पाता है तो सुसाइड कर लेता है जबकि कई मामलों में युवक का बैंक एकाउंट ही खाली हो जाता है। काजल, सिमरन, पूजा,एनी, मोनिका जैसे फर्जी नामों से मैसेज भेजे जा रहे हैं। लड़कियों के डीपी लगे इन एकाउंटस को स्वीकार करने के लिये मिलने वाले प्रलोभनों में आकर लोग फंस रहे हैं। पुलिस में इस तरह की शिकायतें सप्ताह पांच से अधिक शिकायतें आ रही है।

तमाम लोग तो बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत करने के बजाय खामोश रहना पसंद करते है। सदर निवासी अजित सोनकर ने बताया कि उसे हनी ट्रैप में फंसा लिया गया, क्योंकि उसने एक लड़की के मैसेज को स्वीकार कर उसकी बातों में आ गया था। बदनामी के डर से अब तक 65 हजार रुपये दे चुका है और ब्लैकमेल करने का सिलसिला रुका नहीं है। पुलिस ने ऐसे मामलों में कई लोगों को पकड़ा भी है,
लेकिन इनकी संख्या न के बराबर है। एसएसपी आफिस में सरकारी विभाग में कार्यरत 60 वर्षीय एक क्लर्क आए और आंखों में आंसू लिये बोले कि हनी ट्रैप के कारण दो लाख रुपये दे चुका है, मदद कीजिये लेकिन मेरे परिवार के लोगों को मत बताइये नहीं तो जीना मुश्किल हो जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि आप तो बुजुर्ग हैं फिर कैसे फंस गए तो बोले बस अब इस गलती से बचना चाहता हूं। पुलिस ने इस बाबू का प्रार्थनापत्र साइबर सेल में भेज दिया। अब तक साइबर सेल में इस तरह के सौ से अधिक मामले आ चुके हैं, इनमें वो लोग हैं जिन्होंने बदनामी को एक तरफ रखकर सबक सिखाने की ठानी है।
आजकल हनी ट्रैप वाले मैसेज ज्यादा आ रहे हैं और लोगों को इनसे बचना चाहिये। बिना परिचय वाले मैसेज को हिट न करें।
इस तरह का साइबर क्राइम लोगों का आर्थिक चोट दे रहा है। कई पीड़ितों की मदद भी की गई है। -अनित कुमार, एसपी क्राइम


