Friday, February 6, 2026
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अयोध्या हादसा: जोरदार धमाके में ढह गया मकान, कुकर के साथ फटा संदिग्ध सामान, पांच की मौत

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: अयोध्या के हनुमत नगर इलाके में बृहस्पतिवार देर शाम करीब 7:30 बजे एक तेज धमाके के साथ मकान ढह गया। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में तीन बच्चे, उनके पिता और एक मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। मलबा हटाने का कार्य देर रात तक जारी रहा, हालांकि अभी तक मलबे में कोई अन्य घायल व्यक्ति नहीं मिला है। धमाके की प्रारंभिक वजह पटाखा या रसोई गैस सिलिंडर का विस्फोट मानी जा रही है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए हैं।

व​हीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “अयोध्या में हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत हृदयविदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं प्रभु श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें, शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

पूरा कलंदर क्षेत्र के पगलाभारी गांव में जोरदार धमाके की आवाज के साथ रामकुमार गुप्त उर्फ पारसनाथ का मकान गिर गया। वह मकान में आटा चक्की का भी संचालन करते थे। धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ देर में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी और सीओ अयोध्या भी पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए।

पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू करते हुए मलबे में दबे गृह स्वामी रामकुमार गुप्त, उनकी बेटी ईशा (10), पुत्र लव (7), यश (5) के साथ ही मजदूर रामसजीवन को बाहर निकाला। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां पांचों घायलों में से चार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यश ने अस्पताल में ही दम तोड़ा।

पांच मौतों की पुष्टि

दरअसल, जिलाधिकारी ने धमाके में पांच मौतों की पुष्टि की है। डीएम के अनुसार, देर रात घटनास्थल से मलबा हटा लिया गया है। उसमें कोई घायल नहीं मिला है। मौके से कोई विस्फोटक भी नहीं पाया गया है। प्रथम दृष्टया कुकर या रसोई गैस सिलिंडर से धमाका होने की आशंका है।

मौके से फटा हुआ कुकर और सिलिंडर मिला

बताया जा रहा है कि, घटनास्थल पर रसोई गैस की बदबू आ रही थी। मौके से फटा हुआ कुकर और सिलिंडर भी मिला है। मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते डॉग और बम स्वॉड के साथ देर रात 11 बजे तक जेसीबी की मदद से बचाव कार्य चलता रहा। इस बीच मलबे में कोई दबा नहीं मिला।

मकान की बिखर गई एक-एक ईंट

अयोध्या के भदरसा-भरतकुंड नगर पंचायत के पगलाभारी गांव के एक मकान में हुए धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मकान की एक-एक ईंट बिखर गई। देर रात तक मलबे की तलाश में पुलिस की टीम डॉग स्कवायड की मदद से जुटी रही। घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी की स्थिति रही। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर देर रात तक डटी रही। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कैंप कर रखा है।

पूराकलंदर थाना क्षेत्र के पगलाभारी गांव में पिछले साल भी रामकुमार गुप्त के घर पर विस्फोट हुआ था, जिसमें दो मंजिला मकान मलबे में तब्दील हो गया था। इस घटना में चक्की पर आटा लेने आई गांव की ही एक लड़की के साथ रामकुमार की मां और पत्नी की मौत हुई थी। घटना के बाद गांव की आक्रोशित महिलाओं ने अगले दिन विरोध प्रदर्शन किया था।

आस पास के लोगों का कहना हैं कि इससे पहले भी तीन बार रामकुमार के घर पर विस्फोट हो चुका था। वर्ष 2024 में हुई घटना के बाद रामकुमार ने माना था कि वह पटाखे का कारोबार करता है। एक साथ पटाखे खरीदकर घर पर रख लेता था और उसकी बिक्री करता था।

पगलाभारी गांव में 13 अप्रैल 2024 को भी इसी रामकुमार गुप्ता के घर में विस्फोट हुआ था। विस्फोट में दो मंजिला मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया था। रामकुमार ने मकान में आटा चक्की लगा रखा था। पड़ोस के मौर्या का पुरवा गांव निवासी रामकुमार कोरी की बेटी प्रियंका (19) आटा लेने पहुंची थी, जिसकी विस्फोट के बाद मकान के मलबे में दबने से मौत हो गई थी।

मकान मालिक रामकुमार, उनकी मां शिवपता (65), पत्नी बिंदु (25), रामकुमार के बच्चे ईशा (9), लव (6) और यश (4) झुलस गए थे। अगले दिन रामकुमार की मां शिवपता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के छठे दिन रामकुमार की पत्नी बिंदु गुप्ता की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने हादसे की वजह अवैध पटाखों का भंडारण बताया था। हालांकि, मकान मालिक ने सिलिंडर फटने की बात कही थी, लेकिन पुलिस को छानबीन में सिलिंडर के टुकड़े नहीं मिले थे।

मौके पर ग्रामीणों की भीड़

पिछले साल की घटना के बाद से रामकुमार मधुपुर मार्ग पर गांव के बाहर मकान बनाकर रह रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि राम कुमार गांव छोड़कर सड़क पर घर न बनाया होता और यह धमाका गांव में हुआ होता तो कई घर चपेट में आ जाते। धमाका इतना जोरदार था कि काफी दूर तक लोगों को इसकी आवाज सुनाई दी। मकान के दरवाजे और खिड़कियां 50 से 100 मीटर की दूरी पर जा गिरे। प्रशासन और पुलिस के अफसरों की मौजूदगी में दो जेसीबी से मलबा हटाकर खोजबीन जारी है। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है।

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