- परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार, पुलिस ने शव परिजनों के किये सुपुर्द
- देर शाम गमगीन माहौल में तीनों शवों को किया सुपुर्द-ए-खाक
जनवाणी संवाददाता |
गंगानगर: मौत कब किसको अपनी आगोश में ले ले कुछ कहा नहीं जा सकता। तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन लोग तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर असमय ही मौत के शिकार हो रहे हैं। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन इन घटनाओं पर रोक लगाए जाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
भीषण ठंड के साथ कोहरा के बाद भी वाहनों की रफ्तार पर लगाम नहीं लग पा रही है। शनिवार सुबह तेज रफ्तार कार के पेड़ से टकराने के कारण तीन लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में दो लोग घायल भी हैं। हादसे में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। उनके दो साथी घायल अवस्था में उपचाराधीन है।
पुलिस ने तीनों युवकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही क्षतिग्रस्त कार को कब्जे में लेकर गंगानगर थाने खड़ी कर दी है। जहां दोपहर के समय गमगीन माहौल में परिजनों ने दोनों युवकों के शव को कब्रिस्तान ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था।
एक दिन में दो नव युवकों की मौत से खतौली कस्बे में गम का माहौल बना हुआ था और नगर के गणमान्य लोग मृतक युवकों के घर पहुंचकर परिजनों का ढांढस बंधा रहे थे।
एनएच-119 मेरठ-पौड़ी हाइवे पर स्थित जेपी एकेडमी के पास देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। देर रात करीब पौने दो बजे बलेनो कार संख्या यूपी-12बीडी 1702 में सवार पांच युवक मेरठ से इंचौली जा रहे थे। इस दौरान मेरठ-पौड़ी मार्ग पर स्थित जेपी एकेडमी के पास कार अचानक से अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई।
खतौली निवासी आदिल की इंचौली कस्बे सलमान से रिश्तेदारी है। बीते शुक्रवार की रात नये साल की खुशी में आदिल पड़ोस के ही अपने दोस्त सिंकदर के साथ इंचौली में सलमान से मिलने के लिए आया था। इसके बाद आदिल, सिंकदर और सलमान के साथ मौजूद उसके दोस्त हुसैन व शाह आलम कार से हापुड़ अड्डे पर पहुंचे।
यहां उन्होंने शाहपीर गेट पर होटल में खाना खाया। देर रात पांचों युवक खाना खाकर इंचौली वापस लौट रहे थे। इस दौरान सिंकदर कार चला रहा था। जैसे ही पांचों युवक मवाना रोड पर पहुंचे तो सिकंदर ने कार की स्पीड़ बढ़ा दी। जिसके चलते कार जेपी कॉलेज के पहले गेट के पास स्थित एक पेड़ से जा टकराई।
हादसा इतना जबरदस्त हुआ कि मौके पर ही आदिल, सिंकदर और सलमान की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच है। जबकि हुसैन व शाहआलम गंभीर रूप से घायल हो गए। इन दोनों को सूर्या अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को उठाकर शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने हादसे में क्षतिग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने शवों को मोर्चरी भेजा तो परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया। परिजन रात में शवों को खतौली व इंचौली लेकर चले गए।
जवान बेटों के शव देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। शनिवार सुबह खतौली कस्बे के लाल मोहम्मद में आदिल व सिंकदर के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान जनाजों के पीछे हजारों लोगों की भीड़ मौजूद रही। इंचौली कस्बे में भी हजारों लोगों ने नम आंखों के साथ सलमान के शव का सुपर्द-ए-खाक कर दिया। उधर, गंगानगर इंस्पेक्टर बिजेंद्र पाल राणा का कहना है कि बलैनो कार की स्पीड बहुत ही ज्यादा थी। जिस कारण यह हादसा हुआ है।
गमगीन माहौल में हुआ युवकों का अंतिम संस्कार
मवाना रोड पर शुक्रवार देर रात हुए सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और आनन-फानन में मौके पर दौड़ पड़े। परिजनों ने पुलिस से कानूनी कार्रवाई न करने पर शव को सुपुर्द करने की गुहार लगाई।
आलाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने परिजनों को शव को सुपुर्द कर दिया। सिकंदर दो बहनों का इकलौता भाई था। दोनों युवकों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। जहां दोपहर के समय गमगीन माहौल में परिजनों ने दोनों युवकों के शव को कब्रिस्तान ले जाकर सुपुर्द-खाक कर दिया था। एक दिन में दो युवकों की मौत से खतौली कस्बे में गम का माहौल बना हुआ था और नगर के गणमान्य लोग मृतक युवकों के घर पहुंचकर उनके परिजनों का ढांढस बंधा रहे थे।
मरने से पहले सिकन्दर ने किया था अपने भाई को फोन
वरिष्ठ सपा नेता हाजी वसीम के तीन बच्चों में सिकन्दर इकलौता पुत्र था। सिकन्दर ने नगर के एक कॉलेज से इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता के बाइकों के काम में हाथ बंटाने लगा था। सरल स्वभाव का युवक परिवार में सबका लाडला बना हुआ था। सिकन्दर के मामा सऊदी में रहकर कारोबार करते हैं। इसलिये हाजी वसीम सिकन्दर को सऊदी अरब उसके मामा के पास भेजकर उसे वही सेटल करना चाहते थे।
इसकी उन्होंने तैयारी भी कर ली थी। सिकन्दर का पासपोर्ट और अन्य कागज तैयार करा लिये थे। मगर देश मे फैली कोरोना वायरस की महामारी की वजह से लॉकडाउन लगने पर सिकन्दर का सऊदी जाने का कार्यक्रम कैंसल हो गया था और वो अपने पिता के कारोबार में हाथ बंटाने लगा था। विगत रात्रि हुए सड़क हादसे ने पिता हाजी वसीम के सभी अरमानों पर पानी फेर दिया।
शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। परिजनों के अनुसार हादसा होने से 15 मिनट पहले सिकन्दर के पिता ने उससे फोन पर बात की थी। जिस पर सिकन्दर ने अपने पिता को रास्ते में होने की बात कहकर उन्हें जल्द घर पहुंचने की तस्सल्ली दी थी। परिजनों के अनुसार हादसे के बाद सपा नेता के पुत्र सिकन्दर ने घायल अवस्था में कार में से ही इंचौली में रहने वाले अपने मौसेरे भाई याहिया को फोन कर उसे हादसा होने की जानकारी दी थी।
इससे पहले सिकन्दर का भाई उससे और बात करता तो फोन डिस्कनेक्ट हो गया था। उधर, नियति को तो कुछ और ही मंजूर था। सिकन्दर खतौली तक भी सफर तय नहीं कर पाया रास्ते में ही मौत ने उसके दो दोस्तों के साथ उसे भी अपने आगोश में ले लिया।
कस्बे में दो युवकों की सड़क हादसे में मौत की सूचना आग की तरह फैल गयी। जिसके बाद सैकड़ों लोग मृतकों के परिजनों को इस दुख की घड़ी में ढांढस बंधाने के लिये उनके घर की और दौड़ पड़े। दो नवयुवकों की मौत से खतौली में रंजोगम का माहौल बना हुआ था। लोगों की जुबान पर दोनों युवकों के सरल स्वभाव की ही चर्चा थी।
उधर, दु:ख की इस घड़ी में सपा नेता श्यामलाल बच्ची सैनी, पठान शरीक राणा, चेयरपर्सन पुत्र काजी नबील अहमद, आदिल अहमद, डा. अथर, सपा नेता राशिद सिद्दकी, हाजी जावेद, पंकज सैनी, भाजपा नेता मदन छाबड़ा, हाफिज मोहम्मद इब्राहिम, हाजी यूसुफ, अकलिम, हाजी लालू, हाजी इजहार, गुड्डू, हाजी अप्पू, शाहिद पप्पू, सत्यदेव शर्मा, इरशाद जाट, शाहिद कुरैशी, अभिषेक गोयल, इरशाद गुज्जर, शादाब परदेशी, आरिफ मलिक आदि नगर के गणमान्य लोगों ने उनके आवास पर पहुंचकर ढांढस बंधाया।

