- विरोध में हुई पंचायत के बाद हुई रिहाई
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: नामांकन वापस नहीं लिए जाने के चलते प्रतिद्वंदी द्वारा प्रत्याशी के देवर को पुलिस से उठवा दिया गया। घटना के विरोध में ग्रामीणों द्वारा की गई पंचायत के बाद पुलिस ने प्रत्याशी के देवर को छोड़ दिया।
क्षेत्र के गांव कुंडा में रविवार को महाराज सिंह के आवास पर आयोजित ग्रामीणों की पंचायत में ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाया गया कि ब्लॉक प्रमुख बनने के लिए छिड़ी प्रतिस्पर्धा में निकटवर्ती गांव के एक प्रत्याशी ने कुंडा निवासी बीडीसी की प्रत्याशी श्रीमती कविता पत्नी जितेंद्र उर्फ फोनी पर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया।
आरोप है कि नाम वापसी से इनकार किए जाने से प्रत्याशी के इशारे पर पुलिस शनिवार को मध्य रात्रि कविता के देवर आदेश को उठा ले गई। इस घटना से कुंडा के ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्विरोध बीडीसी बनने के लिए पुलिस से उत्पीड़न कराया जा रहा है। मामले की शिकायत अधिकारियों तक पहुंच गई। रविवार को दोपहर पुलिस ने आदेश को थाने से रिहा कर दिया।
थाना प्रभारी शिववीर भदोरिया ने आरोप निराधार बताते हुए कहा कि आदेश प्राणघातक हमले के एक मुकदमे में वांछित चल रहा था। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया है।

