जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरकार द्वारा आमजन के लिए शौचालयों की सुविधा मुहैया कराने के लिए तमाम सहायता योजना देने के बावजूद धरातल पर सारी योजनाएं धाराशाही ही नजर आ रही है। योगी सरकार द्वारा शौचालय सहायता योजना के अंतर्गत शौचालय निर्माण के लिए राज्य सरकार के द्वारा 12 हजार रुपये की राशि दो किस्तों में चलाई गई थी।
आज मेरठ शहर के कई ऐसे मुख्य बाजार हैं जो शौचालय की समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें ही एक बाजार लालकुर्ती है। बहुत पुराना बाजार होने के कारण यह आज भी एक अदद शौचालय की आस लगाए हुए है। यूं तो जहां एक तरफ लालकुर्ती बाजार से कुछ ही दूर मेट्रो का निर्माण कार्य तेजी पकड़ रहा है जो कि आने वाले समय में यहां के कारोबारियों के व्यापार को विस्तार देगा, वही दूसरी तरफ मेट्रो आने के बाद भी लोग बाजार की लचर व्यवस्था से जूझते रहेंगे।
होता है लाखों का कारोबार
लालकुर्ती बाजार में लगभग 1350 दुकानें हैं। यहां प्रतिदिन न केवल महानगर बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों लोग विभिन्न सामानों की खरीदारी के लिए आते रहते हैं। यहां रोज लाखों का कारोबार होता है, लेकिन बाजार में एक अदद सार्वजनिक शौचालय के अभाव में लोगों को भारी दिक्कत होती है। खासकर महिलाओं को शौचालय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। बाजार में यूं तो व्यापारियों द्वारा बनवाया गया एक शौचालय है मगर उसमें से आने वाली दुर्गन्ध से खुद व्यपारी ही नहीं, ग्राहक भी आबू नाले और कचहरी के पास बने सार्वजनिक शौचालय पर जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि कई बार उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से समस्या को अवगत कराया और शौचालय बनवाने की गुजारिश की, लेकिन सिवाय आश्वासनों के कुछ नहीं मिला।
चौकी के पास हो मोबाइल शौचालय
लालकुर्ती बाजार स्थित पुलिस चौकी पर तैनात महिला सिपाहियों ने बताया कि ड्यूटी पर बाजार में शौचालय की सुविधा न होने के कारण मेट्रो हॉस्पिटल में जाकर शौचालय इस्तेमाल करना पड़ता है। यहां ड्यूटी पर मौजूद महिला कांस्टेबल और अन्य महिलाओं के लिए मोबाइल शौचालय की सुविधा होनी चाहिए।
टाल देते हैं अर्जी
करीब 30 साल पहले दुकानदारों ने मिलकर शौचालय बनवाया था, जिसका रखरखाव का खर्चा भी दुकानदारों द्वारा उठाया जाता है। कई बार समस्या को लेकर शिकायत की गई पर कैंटोनमेंट बोर्ड नगर निगम का सार्वजानिक शौचालय होने की बात कहकर अर्जी टालता रहा है। ऐसे में समस्या जस की तस बनी हुई है। -लकी सेठी, अध्यक्ष, लालकुर्ती व्यापार संघ।
मुख्य समस्या पर नजर नहीं
मेरठ में मेट्रो सहित कई योजनाएं आ रही है। मगर किसी भी का भी ध्यान इस मुख्य समस्या पर नहीं है। अक्सर जब भी बाजार आते हैं तो शौचालय की समस्या से जूझना पड़ता है।
-विनीता शर्मा, ग्राहक।
संक्रमण फैलने का खतरा
शौचालयों की उचित व्यवस्था करवानी चाहिए। सार्वजानिक स्थलों पर शौचालय न होने या गंदे शौचालय इस्तेमाल करने से महिलाओं में अक्सर यूटीआई जैसे संक्रमण फैल जाते हैं। -रुचि, ग्राहक।
टॉयलेट पर अवैध कब्जा
बाजार में शौचालय की सुविधा बद से बदतर है। कई बार कैंटोनमेंट बोर्ड से बात करने की कोशिश की, मगर कोई हल नहीं निकला। वहीं, बाजार में जो शौचालय है, उसके आगे और अंदर कुछ दुकानदारों ने अपना कब्जा कर रखा है।
-अक्षित बिंद्रा, महामंत्री।
बाजार पर एक नजर
-
1350 दुकानें (लगभग)
-
14000 आने वाले कस्टमर्स (लगभग)







