जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) ने जनवरी 2026 शैक्षणिक सत्र के लिए री-रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) और ऑनलाइन कोर्स में पढ़ रहे छात्र 15 फरवरी 2026 तक दोबारा पंजीकरण करा सकेंगे। इससे पहले री-रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 31 जनवरी 2026 तय की गई थी।
छात्रों को मिली राहत
विश्वविद्यालय ने यह फैसला छात्रों को फॉर्म भरने और फीस जमा करने के लिए अतिरिक्त समय देने के उद्देश्य से लिया है। यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों के लिए है, जो पहले से IGNOU के ODL या ऑनलाइन प्रोग्राम में नामांकित हैं और अपने कोर्स के अगले सेमेस्टर या शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश लेना चाहते हैं।
री-रजिस्ट्रेशन फीस और जरूरी जानकारी
री-रजिस्ट्रेशन के दौरान छात्रों को 300 रुपये फीस ऑनलाइन माध्यम से जमा करनी होगी। भुगतान केवल IGNOU के आधिकारिक री-रजिस्ट्रेशन पोर्टल के जरिए ही मान्य होगा। री-रजिस्ट्रेशन न कराने वाले छात्रों को अगले सेमेस्टर या वर्ष में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
किन छात्रों के लिए अनिवार्य है री-रजिस्ट्रेशन
री-रजिस्ट्रेशन उन सभी मौजूदा छात्रों के लिए जरूरी है जो:
अपने कोर्स का अगला सेमेस्टर
या अगला शैक्षणिक वर्ष शुरू करना चाहते हैं
नए प्रवेश लेने वाले छात्रों को इस री-रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
री-रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरते समय छात्रों को ये दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:
स्कैन की हुई पासपोर्ट साइज फोटो
हस्ताक्षर (Signature)
कुछ मामलों में शैक्षणिक योग्यता, श्रेणी या अनुभव से जुड़े प्रमाण पत्र
छात्रों को सलाह दी गई है कि फॉर्म सबमिट करने से पहले अपने कोर्स और सेमेस्टर से जुड़ी सभी जानकारी ध्यान से जांच लें।
री-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
IGNOU के आधिकारिक पोर्टल onlinerr.ignou.ac.in पर जाएं
यूजरनेम और पासवर्ड से लॉग इन करें
पहली बार लॉग इन करने वाले छात्र पहले अपनी लॉगिन आईडी बनाएं
अपना प्रोग्राम और संबंधित सेमेस्टर/वर्ष चुनें
जरूरी जानकारी भरें, दस्तावेज अपलोड करें
300 रुपये फीस ऑनलाइन जमा कर फॉर्म सबमिट करें
आवेदन पूरा होने के बाद कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड कर सुरक्षित रखें
IGNOU की छात्रों से अपील
IGNOU ने सभी पात्र छात्रों से अपील की है कि वे 15 फरवरी 2026 से पहले री-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सके और अंतिम समय की तकनीकी परेशानियों से बचा जा सके।

