- एक जून के बाद होगी 12वीं की परीक्षा की घोषणा
- कोरोना के चलते केंद्र सरकार ने लिया फैसला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए अहम फैसला लिया गया है। सीबीएसई 10वीं की परीक्षाओं को रद करने के साथ 12वीं की परीक्षाओं को जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बुधवार को शिक्षा मंत्रालय व सीबीएसई अधिकारियों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें यह फैसला लिया गया है कि देश में कोरोना महामारी से उत्पन्न मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर 10वीं की परीक्षाओं को रद किया जाता है और 12वीं को स्थगित। सूत्रों के अनुसार अब 12वीं की परीक्षाएं 15 जून के बाद ही आयोजित की जाएगी।
एक जून के बाद परीक्षा का कार्यक्रम बोर्ड की ओर से जारी कर दिया जाएगा। हालांकि बोर्ड की ओर से स्पष्ट कर दिया गया कि 12वीं परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा बस तिथियों को आगे बढ़ा दिया जाएगा। बोर्ड परीक्षाएं चार मई से शुरु होकर 10 जून तक चलनी थी।
वहीं 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट 15 जुलाई तक घोषित करने का ऐलान बोर्ड की ओर से किया गया था। सीबीएसई की ओर से जारी डेटशीट के मुताबिक 10वीं कक्षा में पहला पेपर छह मई को अंग्रेजी का होना था।
10 मई को हिंदी, 11 मई को उर्दू, 15 को विज्ञान, 20 को होमसाइंस, 21 मई को गणित और 21 मई को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा थी। अब 10वीं के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। अगर कोई छात्र मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं होगा तो कोरोना के हालात सामान्य होने पर वह परीक्षा दे सकता है।
इनका है कहना
सहोदय सचिव राहुल केसरवानी का कहना है कि बोर्ड का यह निर्णय कोरोना की विस्फोटक परिस्थिति को देखते हुए लिया गया है। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को इस वर्ष लागू करने की कोई बात नहीं की गई है। वहीं 12वीं की परीक्षा पर बात करते हुए वह कहते है कि एक जून के बाद इस पर निर्णय होगा। कोरोना स्थिति उस समय नार्मल रही हो परीक्षाएं होगी वरना सीबीएसई अपना निर्णय स्थिति के अनुसार लेगा।
गॉडविन स्कूल के प्रधानाचार्य विनम्र शर्मा का कहना है कि संभावना है कि इस सत्र में कक्षा 10वीं का परिणाम अकादमिक सत्र 2015-16 के आधार पर तैयार किया जा सकता है। जिसमें पूरे सत्र के दौरान दी गई परीक्षाओं में प्राप्त अंक, असाइनमेंट, आॅनलाइन कक्षा में छात्रों की उपस्थिति आदि को शामिल किया जा सकता है।
कालका स्कूल के प्रधानाचार्य डा. कमलेंद्र का कहना है कि 10वीं बोर्ड परीक्षा रद करना सरकार का अच्छा प्रयास है। क्योंकि छात्र हित पहले होना चाहिए। मगर इससे छात्र-छात्राओं में प्रतिस्पर्धा की भावना खत्म हो गई है। छात्र-छात्राएं अब परीक्षा की तरह पढ़ाई नहीं करेंगे।
ये बोले-छात्र
केएल स्कूल के छात्र मनन का कहना है कि चार मई से परीक्षा शुरु हो रही थी। इसलिए परीक्षा की सभी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी। लास्ट मूवमेंट पर परीक्षा रद होने से दुख हो रहा है। क्योंकि लगन के साथ मैंने 10वीं परीक्षा की तैयारी की थी।
केएल के छात्र यश का कहना है कि कोरोना की विस्फोटक स्थिति को देखते हुए सरकार का यह निर्णय सराहनीय है, लेकिन अब नंबरों का डर सता रहा है कि किस आधार पर हमें नंबर दिए जाएंगे। यह सोचकर चिंता बनी हुई है।






