जनवाणी संवाददाता |
बागपत: प्रेसवार्ता करते हुए जिपं अध्यक्ष प्रत्याशी बबली देवी ने कहा कि उनके पास खुद की पांच वोट थी और इसके अलावा एक बसपा व एक सपा की वोट थी। वहीं दो निर्दलीय मतदाता व दो रालोद मतदाताओं ने उनको वोट देने का पूरा आश्वासन दिया था। जिसके सहारे वह जीत की पूरी उम्मीद लगाए बैठी थी और उनकी ग्यारह वोट हो गयी थी, लेकिन जब मतदान हुआ तो यहां उनको निर्दलीय व रालोद के मतदाताओं ने धोखा दिया।
शुक्रवार तक वह उनको वोट देने का आश्वासन देते रहे, लेकिन जब वोट डालने का नंबर आया तो उन्होंने अपने कदम पीछे हटा लिए। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वह जिपं अध्यक्ष पद का चुनाव हार जाएगी। यदि उन्हें वोट नहीं देना था तो पहले ही मना कर दिया होता, लेकिन इस तरह से धोखा देना ठीक नहीं रहता है। वहीं दूसरी तरफ किसान आंदोलन व सपा-रालोद की कलक्ट्रेट के बाहर समर्थकों की भीड़ भी उनकी हार का कारण रही है।

