- जलभराव और कीचड़ में निकलना मुश्किल, सब्जियां गंदे पानी में डूबीं, मंडी सचिव से मिले व्यापारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हमेशा कीचड़ से सराबोर रहने वाली नवीन मंडी को तेज बारिश ने बदहाल कर दिया। पानी की उचित निकासी न होने के कारण इस कदर जलभराव हो गया कि सब्जी व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और सबिज्यां गंदे पानी में डूब गई। वहीं नवीन सब्जी मंडी व्यापारी एकता समिति ने मंडी सचिव से मिलकर मंडी में विकास कार्य कराने की मांग की है।
तीन दिन से चल रही रिमझिम और तेज बारिश ने परेशानियां खड़ी कर दी है। बारिश के कारण दुकानों के आगे जबरदस्त जलभराव हो गया और लोगों को निकलने में दिक्कतें हुई। रात के वक्त किसान खेतों से सब्जियां लाकर मंडी में रख देते हैं और सुबह उनकी बिक्री होती है।

बारिश के कारण सब्जियां पानी में डूब गई। कई आढ़तियों की दुकान के सामने इस कदर कीचड़ जमा हो गया था कि गोभी, मटर, टमाटर और हरी सब्जियां उसमें डूबने लगी थी। साढ़े नौ बजे के करीब आई मूसलाधार बारिश ने मंडी की व्यवस्था को अस्त व्यस्त कर दिया।
सब्जी मंडी में सुलभ शौचलाय न होने से व्यापार करने आने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंडी की अधिकांश दुकानों की छतें जर्जर हालत में पहुंच गई है जो कभी भी दुर्घटना का सबब बन सकती है। व्यापारियों के लिये सब्जी मंडी पेयजल की व्यवस्था नहीं है इस कारण व्यापारियों को पानी खरीद कर पीना पड़ता है। इसको देखते हुए खराब पड़े हैंड पंपों को ठीक कराने की मांग भी मंडी सचिव से की गई।

मंडी के अंदर नगर निगम की तरफ से लगाई गई सर्च लाइटों को ठीक कराने की बात भी उठी। ये सर्च लाइटें काफी लंबे समय से खराब चल रही है। मंडी के अंदर की सभी दुकानों की रंगाई पुताई करने पर जोर दिया गया। सब्जी विक्रेताओं ने मंडी के अंदर कैंटीन का ठेका कम से कम रेट पर दिया जाए और उससे होने वाली आमदनी मंडी के विकास पर लगाई जाए।
व्यापारियों ने कहा कि लोहिया नगर मंडी से उतना राजस्व नहीं मिलता जितना नवीन मंडी के कुछ आढ़तिये दे देते हैं। मंडी सचिव ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि मांगों पर विचार किया जाएगा। मंडी सचिव से मिलने वालों में भूषण शर्मा, विजेन्द्र सैनी, सुरेन्द्र शर्मा, राजेश मोहन, नीरज सोनकर, सुशील कुमार आदि थे।

