जनवाणी ब्यूरो |
खरड़: पशुपालन विभाग द्वारा फतेहपुरखेड़ी स्थित अस्थायी गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण शनिवार को किया गया। निरीक्षण दल का नेतृत्व मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेन्द्र गुप्ता के निर्देशन में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम सिंह ने किया। निरीक्षण के दौरान गौ आश्रय स्थल में रखे गए सभी गोवंश पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में पाए गए, जिससे पशुपालन विभाग की देखरेख और व्यवस्था की सराहना की गई।
दिशा निर्देश देते हुए क्या कहा गया?
डॉ. श्याम सिंह ने मौके पर उपस्थित केयरटेकर और सचिव को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि पशुओं को गर्मी के मौसम में संतुलित और पौष्टिक आहार दिया जाए। इसके लिए हरे चारे, भूसे, चोकर और पुराल का समुचित मिश्रण तैयार कर सभी गोवंशों को नियमित रूप से खिलाने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता संतोषजनक पाई गई
निरीक्षण के दौरान स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता संतोषजनक पाई गई। साथ ही, उन्होंने गौशाला परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया ताकि बीमारियों की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।
इस अवसर पर नावला गौशाला में मौजूद कुछ चोटिल एवं बीमार गोवंशों की मौके पर चिकित्सा भी की गई। डॉ. श्याम सिंह ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार पशुओं के लिए अतिरिक्त देखरेख की व्यवस्था की जा रही है।
गर्मी की बढ़ती तीव्रता को ध्यान में रखते हुए यह भी निर्देशित किया गया कि मादा गोवंश, नर गोवंश और बछड़ों को अलग-अलग रखा जाए, जिससे आपसी संघर्ष की स्थिति से बचा जा सके और किसी पशु को चोट न पहुंचे।
इस निरीक्षण अभियान की स्थानीय ग्रामीणों ने भी सराहना की और पशुपालन विभाग की सक्रियता की प्रशंसा करते हुए आशा जताई कि ऐसे नियमित निरीक्षण पशुओं के संरक्षण में सहायक सिद्ध होंगे।

