- लोगों को शहर के जाम से झाम से हो रही भारी दिक्कत, अधिकारी जानकर भी बने अनजान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में जाम की समस्या गंभीर बनी हुई है। यहां सैकड़ों ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। ट्रैफिक पुलिस का जोर व्यवस्था को संभालने से अधिक वसूली पर दिया जा रहा है जिस कारण लोगों को सड़क पर भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। दिन निकलते ही शहर में जगह-जगह जाम लगना शुरू हो जाता है। शहर की तमाम मुख्य सड़कों से लेकर चौराहा पर दिन में कई बार जाम लगता है। सड़कों पर जाम लगे पर लोग गली-मोहल्लों का रुख करते हैं। जिससे वहां भी जाम लग जाता है। इसकी जहां वाहनों की शहर में बढ़ती संख्या है। वहीं, ट्रैफिक पुलिस की उदासीनता भी है।

शहर का दिल माने जाने वाले बेगमपुल चौराहे की ट्रैफिक व्यवस्था दयनीय है। यहां पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन चारों तरफ से वहां विपरीत दिशा में आते-जाते रहते हैं। इनको कोई रोकने वाला नहीं होता है। ऐसे में लोग वहां से गुजरने में लोगों को खासी परेशानी होती है। घंटाघर चौराहा भी दिनभर जाम से घिरा रहता है। इसके अलावा खैरनगर, हापुड़ अड्डा, मेट्रो प्लाजा, कबाड़ी बाजार चौराहा, लिसाड़ी गेट चौराहा, हापुड़ अड्डा, बुढ़ाना गेट पर जाम की समस्या गंभीर बनी हुई है। इन चारों पर पुलिस तैनात रहती है,
लेकिन पुलिस का जोर ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य से अधिक वाहनों की चेकिंग करने पर रहता है। यही वजह है कि शहर को जाम से निजात नहीं मिल पा रही है। ट्रैफिक पुलिस पर अक्सर लोग चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगाते रहते हैं, लेकिन इसका फर्क नजर नहीं आता। कैंट विधायक अमित अग्रवाल भी ट्रैफिक पुलिस की अवैध वसूली को लेकर नाराजगी जैसा जताते हुए आलाधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं।
ठप पड़ा आई इंटेलिजेंस, सिग्नल सिस्टम
शहर में ट्रैफिक कंट्रोल करने और और ट्रैफिक का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान करने के लिए बच्चा पार्क, तेज गड़ी चौराहा, एल ब्लॉक तिराहा, गांधी आश्रम चौराहा, हापुड़ अड्डा चौराहा रेलवे रोड चौराहा आदि शहर के आठ प्रमुख चौराहों पर नगर निगम द्वारा लगाए गए आई इंटेलिजेंस में अधिकांश ठप पड़े हैं। सिग्नल सिस्टम भी ध्वस्त हुआ पड़ा है ऐसे में प्रमुख चौराहों पर लोग जाम की समस्या खड़ी कर रहे हैं।

अयोध्या और वीआईपी ड्यूटी में लगे 80 जवान
एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा का कहना है कि शहर में ट्रैफिक पुलिस में करीब 200 पुलिसकर्मी है। जिनमें 40 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी अयोध्या में लगी हुई है। जबकि 40 पुलिस कर्मियों की दूसरे शहर में वीआईपी ड्यूटी लगी है। अक्सर परीक्षाएं आयोजित किए जाने पर शहर में ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। जोकि जाम का मुख्य वजह होता है। ऐसे में ट्रैफिक संभालने में दिक्कत जरूर आ रही है।
वाहनों की चेकिंग करके लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया जाता है, जो लोग गलत तरीके से वाहनों को चलते हैं या ट्रैफिक के नियमों का पालन नहीं करते हैं, उनके चालान किए जाते हैं। अवैध वसूली के आरोप निराधार हैं। जिनका चालान किया जाता है। वहीं, अवैध वसूली के आरोप लगाते हैं।
जाम से दिलाई जाए निजात
शहरवासी राजेश चंदेल का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस शहर में जाम से निजात दिलाने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा रही है। पुलिस को यातायात व्यवस्थित करने के लिए सख्त ड्यूटी देनी चाहिए।
जाम की समस्या बनी गंभीर
टिंकू सोनकर का कहना है कि शहर में जाम की समस्या गंभीर बन गई है। ट्रैफिक पुलिस वाहनों की चेकिंग में लगी रहती है। जिससे लोगों को जाम से जूझना पड़ता है।
ट्रैफिक पुलिस रहे सजग
राजन सोलंकी का कहना है कि सब लोग कहते हैं कि ट्रैफिक पुलिस यदि अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे तो काफी हद तक जाम से निजात मिल सकती है।
सुधारनी चाहिए व्यवस्था
अंकुश शर्मा का कहना है कि शहर में अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए कारगर कदम उठाने की जरूरत है। जिससे शहर के जाम से कुछ तो राहत मिले।
ताकि मिले जाम से मुक्ति
जुबैर अहमद कहते हैं कि ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने में ही लगाई जानी चाहिए, तभी शहर को जाम से मुक्ति मिल पाएगी।
चेकिंग से होता है समय बर्बाद
शांति ढींगरा का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस जगह-जगह वाहनों की चेकिंग करती है। जिससे वाहन चालकों का समय बर्बाद होता है। इनकी ड्यूटी केवल यातायात प्रबंधन में ही लगनी चाहिए।

