Sunday, May 3, 2026
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क्या बच्चा पढ़ाई में है कमजोर?

BALWANI


सबसे पहले तो यह कारण जनना होगा की आपका बच्चा पढ़ाई में कमजोर क्यों है? अगर पढ़ने में कमजोर हैं तो उसे तेज कैसे करें? ताकि वह भी बाकी बच्चों की तरह समान्य महसूस कर सके। इस में ना तो बच्चे की गलती होता है ना ही उनके माता-पिता का और स्कूल का भी नही। हां, लेकिन अगर स्कूल या माता-पिता के द्वारा बच्चे के ऊपर बराबर ध्यान दिया जाए तो कमजोर बच्चे भी पढ़ने में काफी अच्छे हो सकते हैं।

कई माता-पिता की बस यही शिकायत रहती है कि उनका बच्चा पढ़ाई में कमजोर है। उसका पढ़ने में मन नही लगता या फिर वो कुछ खास सब्जेक्ट्स में कमजोर है। ऐसे में कभी आपने समझने की कोशिश की है कि ऐसा क्यों है। बच्चों को कुछ फॉमूर्ले या फि बेसिक चीजें क्यों नहीं समझ आ रही। इस स्थिति में पहले तो आपको अपने बच्चों के पढ़ने-लिखने के तरीके और समझने के तरीके पर खास ध्यान देना होगा। उसके बाद आप जरूरत के अनुसार उन चीजों बदलाव करके उनकी कमजोरियों पर काम कर सकते हैं और उन्हें तेज बना सकते हैं।

  • बच्चों में नियमित पढ़ने की आदत डालें
  • योग्यता की जांच करें
  • कमजोर बच्चों को अलग से पढ़ाएं
  • बुरी आदतों को दूर करें
  • पढ़ाई में ध्यान दें

पढ़ाई में कमजोर बच्चें को कैसे पढ़ाएं या होशियार बनाएं?

सबसे पहले तो बच्चें को पर्याप्त रुप से देख-रेख की जरूरत है कहने का मतलब यह है की बच्चों को जब भी पढ़ाएं बिल्कुल आसान तरीका खोजें जो बच्चे को आसानी से समझ में आ जाए। इसी तरह बहुत से उपाय हैं जिनके माध्यम से कमजोर बच्चों को भी पढ़ाया जा सकता है।

बच्चों में नियमित पढ़ने की आदत डालें

बहुत से बच्चे पढ़ने में कमजोर इस वजह से भी रह जाते हैं कि वे कभी नियमित रूप से पढ़ाई ही नहीं करते हैं। मन हुआ तो पढ़ाई की नहीं तो नही ऐसे में कभी भी कमजोर बच्चा नहीं पढ़ सकता है। और वे अपनी जरूरत के हिसाब से कभी नहीं पढ़ पाते हैं। इसका एक आसान सा उपाय यह है की आप सबसे पहले बच्चों को एक समय तालिका बना कर दें, जो बच्चों के अनुरूप हो और वे उस समय में खुद को पढ़ने लायक महसूस कर सकें। उस समय के अनुसार विषय का भी चयन करें और बच्चें तथा खुद भी पूरी ईमानदारी से पालन करें।

योग्यता की जांच करें

कई बच्चों के साथ यह भी समस्या होता है की वे किसी एक या एक से अधिक विषय में ही कमजोर होते हैं। बाकी विषयों में अच्छे होते हैं ऐसे में करें यह की बच्चे से बात कर के या किसी प्रकार की टेस्ट लेकर पता कर सकते हैं कि उन्हें कौन सी विषय में समस्या है और यह जानने की बाद तुरंत उस समस्या का समाधान करें। या तो बच्चों को उस विषय के ऊपर ज्यादा से ज्यादा समय देने के लिए कह सकते हैं।

कमजोर बच्चों को अलग से पढ़ाएं

अगर आप यह चाहते हैं की आपके बच्चे भी अन्य बच्चों के बराबर में आ सकें तो इसके लिए यथा संभव कमजोर बच्चों को अलग से पढ़ा सकते हैं। उन में उन्हें विषयों को पढ़ाएं, जिन में वह पिछड़ चुके हैं। क्योंकि ऐसे में बच्चे के ऊपर भार कम होगा तो वे जल्दी सीख सकते हैं। लेकिन स्कूल में तो यह संभव नहीं है, तो ऐसे बच्चे को माता-पिता के द्वारा घर पर भी पढ़ाया जा सकता है। अगर यह भी संभव नही है तो कोचिंग या ट्यूशन की सहारा लिया जा सकता है।

बुरी आदतों को दूर करें

बहुत से ऐसे भी बच्चे होते हैं, जिन्हें पढ़ाई में मन ही नहीं लगता है। उसकी कई वजह हो सकती हैं। जैसे आदतें बुरी हो गर्इं हों या ज्यादा समय खेलने में ही रहता हो। ये सब कारण हो सकते हैं, पढ़ाई में कमजोर होने का, क्योंकि इस तरह वे कभी भी ठीक से नहीं पढ़ पाएंगे। आप चाहते हैं कि बच्चे कमजोर नहीं रहें, तो सबसे पहले उन की आदतों को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

पढ़ाई में ध्यान दें

कमजोर बच्चों को अपनी पढ़ाई पर नियमित ध्यान देना चाहिए। उसके बाद बदलाव आना तय है। जितना हो सके नए-नए टॉपिक को सीखें और अपनी आत्मशक्ति को बढ़ाएं। और किसी भी तरह के सवाल हो अपने शिक्षक या माता-पिता से पूछने में देरी ना करें।


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