- मंगलवार से शुरू हो रहे नवरात्र पर्व, पूजन 7:41 से 9:35 तक रहेगा शुभ
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: इस बार माता रानी घोडे पर सवार होकर आ रही है, जो किसी के लिए भी शुभदायक नहीं होगा। उनके घोडे पर सवार होने से शासन, सत्ता, आंधी, तूफान, गृहयुद्ध जैसे संकटों का लोगों को सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी को नवरात्रों में देश की सुख शांति के लिए कामना करनी होगी। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि मंगलवार से नवरात्र शुरू हो जाएंगे और कलश स्थापना का सबसे अच्छा मुर्हत 7:41 से 9:35 तक रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि मंगलवार से शुरू हो रहे नवरात्र पर्व में शक्ति उपासना का महापर्व शक्ति को प्रसन्न करने के लिए सात्विक रहकर मां की उपासना करें। माता रानी सभी को सुख, सौभाग्य, धन, धान्य एवं समृद्धि का वरदान देगी। बताया कि माता रानी के घोडे पर सवार होकर आने से लोगों पर इसका प्रभाव पडेगा और वह हाथी पर सवार होकर वापस जाएगी।
उनके घोडे पर सवार होने से शासन, सत्ता, आंधी, तूफान, गृहयुद्ध जैसे संकटों का लोगों को सामना करना पड़ सकता है और इससे बचने के लिए सभी को नवरात्रों में देश में सुख शांति की कामना करनी चाहिए, क्योंकि ये सनातन धर्म है और इसमें विश्व का कल्याण हो एसी भावना से पूजा करनी चाहिए। बताया कि मंगलवार से नवरात्र शुरू होंगे और 21 अप्रैल यानि बुधवार को समापन हो जाएगा। माता रानी की स्थापना शुभ मुर्हत में करनी चाहिए। इससे मन को शांति तो मिलेगी ही साथ ही सुख की प्राप्ति होगी।
इस तरह करें कलश स्थापना
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि कलश की स्थापना हमेशा ईशान कोण में ही करने का विधान शास्त्रों में बताया गया है, क्योंकि ईशान कोण में ही देवस्थान बताय गया है। एवं जल क स्थान भी ईशान कोण ही है। सुबह 7:41 से 9:35 बजे तक स्थिर लग्न में कलश स्थापना करना शुभ रहेगा।
इसके बाद दिन में 11:38 से 12:25 तक अभिजीत मुहुर्त में भी कलश स्थाना करना शुभ रहेगा। साथ ही विशेष ध्यान रखे कि आत्मा को कष्ट न दे और सात्विक रहे। सरसो के तेल का परहेज रखे, व्रत में बार-बार कुछ नहीं खाना, पीना चाहिए। ब्रह्मसर्थ का पालन एवं माता रानी का ही गुणगान होना चाहिए। स्इस बार मानसिक तौर पर मजबूत होकर सभी का कल्याण हो ऐसी भावना से शक्ति की उपासना करें।

