जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: टेलीविजन के सबसे मशहूर कॉमेडियन जसपाल भट्टी की आज बर्थ एनिवर्सरी है। जसपाल अगर आज जिंदा होते तो अपना 67वां जन्मदिन मना रहे होते लेकिन अफसोस अक्तूबर 2012 में सड़क हादसे में जसपाल भट्टी का निधन हो गया था। उन्हें ‘किंग ऑफ कॉमेडी’ और ‘किंग ऑफ सटायर’ के नाम से भी जाना जाता है। जसपाल ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की डिग्री ली थी। जसपाल भट्टी हंसाते-हंसाते राजनीति, व्यवस्था और समाज पर कटाक्ष करते थे, और उनकी यही अदा दर्शकों को खूब पसंद आती थी।
अपने कॉलेज के दिनों में जयपाल अपने नुक्कड़ नाटक नॉनसेंस क्लब से मशहूर हो गए थे। इस क्लब से सैंकड़ों लोग जुड़ें हुए थे। वे चंडीगढ़ में ट्रिब्यून अखबार में एक कार्टूनिस्ट के रूप में काम करते थे। कार्टूनिस्ट होने के नाते ही उन्हें आम आदमी से जुड़ी समस्याओं और व्यवस्था पर व्यंग्य करके लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का मौका मिला। उनके लोकप्रिय होने की एक सबसे बड़ी वजह थी कि वे मध्यम वर्ग के रोजमर्रा के मुद्दों को दिलचस्प अंदाज में उठाते थे।
फ़्लॉप शो और उल्टा पुल्टा से हुए मशहूर
80 और 90 के दशक में दूरदर्शन के सीरियल फ़्लॉप शो और उल्टा पुल्टा से भट्टी ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। जसपाल भट्टी ने इस शो का निर्देशन करने के साथ ही इसमें अभिनय भी किया था। खास बात ये थी कि इसमें सामाजिक मुद्दों पर सटायर किया गया था और लोगों ने इसे काफी पसंद किया था। महंगाई बढ़ने पर जसपाल भट्टी ने एक बार गले में सब्जियों की माला पहन कर सड़क पर उसका विरोध किया और पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने पर अपनी कार को बैल से खिंचवाया था।
सड़क हादसे में गई थी जान
कॉमेडियन जसपाल भट्टी की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हादसा जालंधर के पास शाहकोट में हुआ था जहां उनकी कार एक ट्रॉली से टकरा गई। हादसे के वक्त कार में जसपाल के साथ उनके बेटे भी थे। 2013 में उन्हें मरणोपरांत पद्मभूषण अवॉर्ड से नवाजा गया।
टीवी पर झंडे गाड़ने के बाद जसपाल भट्टी ने फिल्मी दुनिया में भी हाथ आजमाया। उन्होंने फिल्म ‘फना’, ‘कुछ मीठा हो जाए’, ‘कुछ ना कहो’, ‘कोई मेरे दिल से पूछे’, ‘हमारा दिल आपके पास है’, ‘आ अब लौट चलें’, ‘इकबाल’, ‘कारतूस’ में काम किया। इनके अलावा वह टीवी शो ‘कॉमेडी का किंग कौन’ में जज के तौर पर शामिल हुए थे।

