- दिल्ली बॉर्डर पर 350 किसान हो चुके हैं शहीद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने शुक्रवार को ऐलान किया है कि मेरठ में किसान बलिदान स्मारक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक किसान से सहयोग मांगा जाएगा।
मेरठ क्रांति की भूमि है, इसलिए ही किसान बलिदान स्मारक के लिए स्थान का चयन किया गया है। जयंत चौधरी ने कहा कि 141 दिन से दिल्ली में किसानों का आंदोलन चल रहा है, जिसमें 350 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं। आने वाली पीढ़ियां खेती किसानी बचाने के लिए किसानों के त्याग को याद करेगी।
उन्होंने कहा कि किसानों का दिल्ली में आंदोलन चल रहा है कृषि कानून के खिलाफ, मगर केन्द्र सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। अंबानी व अडाणी के टावर पर किसानों ने हरियाणा में हमला कर दिया था तो सरकार बिलख गई थी। क्योंकि केन्द्र सरकार अंबानी व अडाणी से दोस्ती निभा रही है। ट्रेन अडाणी के हवाले है।
बीएसएनएल बंदी के कगार पर है क्योंकि वह सरकारी संस्था है। जीओ प्राइवेट कंपनी है फिर अंबानी की हैं, तभी तो जीओ प्रगति कर रहा है, लेकिन यह भी आपको बता दू कि जीओ भी बीएसएनएल से लाइन लेकर चल रहा है। बड़े-बड़े मॉल शहर में खुल गए हैं, जिसके चलते छोटे व्यापारी भी खत्म हो गए।
अब किसानों को खत्म करने की तैयारी केन्द्र सरकार कर रही है। पीएम केयर फंड में 900 करोड़ से ज्यादा रुपये कोविड-19 के लिए आये थे, लेकिन क्या इंतजाम सरकार ने इस बीच किये? देश भर में कोविड के मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं।
वेंटिलेटर कितने खरीदे गए? आक्सीजन का स्टोर कहीं नहीं बना। सरकारी सिस्टम खुद बीमार है। 2020 में आये कोविड को देखने के बाद भी कोई तैयारी आगे निपटने की नहीं की गई।

