- एमडी बोले-आराम, सुरक्षा और विश्वसनीयता के गठजोड़ पर चलेगी यह ट्रेन
- रैपिड में इस्तेमाल होने वाला ‘डबल टैप फंक्शन’ दुनिया का पहला आधुनिकतम फंक्शन होगा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बस छह माह और इंतेजार कीजिए। उसके बद सपने मानों हकीकत में बदल जाएंगे। रैपिड जो अभी तक लोगों के दिलो दिमाग में दौड़ रही थी वो फिर लोगों को ट्रैक पर दौड़ती हुई नजर आएगी। देश की पहल रैपिड ट्रेन का सपना साकार होने जा रहा है। एनसीआरटीसी के एमडी विनय कुमार सिंह ने कहा कि यह रैपिड अपने तय समय से ही ट्रैक पर दौड़ेगी। इसमें देरी की कोई गुंजाइश नहीं दिखती।
उन्होंने अपने बयान में कहा है कि देश की पहली आधुनिकतम रैपिड टेÑेन समय से शुरु होगी और यह लोगों के जीवन में एक क्रांतिकारी कदम की तरह होगी। एमडी के अनुसार आवगमन का यह नया व आधुनिकतम साधन आराम, सुरक्षा ओर विश्वसनियता का अनूठा संगम होगा।

एमडी विनय कुमार सिंह के अनुसार देश की पहली रैपिड रेल अगले साल शुरु में ही अपने पहले प्राथमिक खंड पर दौड़नी शुरु हो जाएगी। इसके बाद रैपिड के काम में और तेजी आएगी तथा 2025 तक यह अपनी पूरी स्ट्रेन्थ के साथ दौड़ेगी।
क्या है डबल टैप फंक्शनैलिटी?
आरआरटीएस, एएफसी सिस्टम में स्टेशनों पर दो स्तरोे पर गेट होंगे। एक कॉनकोर्स स्तर पर दूसरा प्लेट फॉर्म स्तर पर। कॉनकोर्स लेवल गेट यात्रियोें को कॉनकोर्स में पेड एरिया और प्लेट फॉर्म लेवल पर स्टैंडर्ड क्लास बोर्डिंग एरिया तक पहुंचाने की अनुमति देंगे। प्लेटफॉर्म लेवल गेट पर प्रीमियम लाउंज के लिए प्रवेश होगा जहां से प्रीमियम क्लास क्षेत्र में जाया जा सकता है।
देश ही नहीं दुनिया का पहला सिस्टम होगा यह
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह के अनुसार आरआरटीएस के आॅटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (एएफसी) में जोड़े गए डबल टैप फंक्शन का इस्तेमाल करते हुए प्रीमियम लाउंज में पहुंचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली शायद पूरी दुनिया में सिर्फ रैपिड में ही देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह सिस्टम भारत सरकार के ‘वन नेशन वन कार्ड’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की सोच के अनुरुप है, जो नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) के माध्यम से सभी परिवहन साधनों में जनता को परेशानी मुक्त आवागमन का अनुभव देगा।

