- मेरठ की तीन खिलाड़ियों के ओलंपिक में चयन से उत्साहित आरएसओ ने खेल सुविधाओं में विस्तार को लेकर की चर्चा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर खेलों का हब है, यहां की मिट्टी में इतना दम है कि यह तीन से कहीं अधिक संख्या में ओलंपियन देने की क्षमता रखती है। हमारे खेल मैदानों में खिलाड़ी अपने कोच के दिशा-निर्देशन में, जिस तरह तकनीकी पक्ष को ध्यान में रखकर अभ्यास कर रहे हैं, आने वाले दिनों में उसके और भी सुखद परिणाम सामने आयेंगे। हालांकि कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम को विस्तार दिया जाना बाकी है।
खेल मैदान से पेरिस की धरती पर आयोजित होने जा रहे ओलंपिक में अपने हुनर का सिक्का जमाने जा रहे खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी योगेंद्र पाल सिंह ने ये तमाम बातें मेरठ में खेल और विस्तार लेती सुविधाओं पर चर्चा के दौरान कही। योगेंद्र पाल सिंह ने अन्नू रानी, पारुल चौधरी और प्रियंका गोस्वामी को ओलंपिक में प्रतिभाग लेने से पहले केवल अभ्यास और भरपूर आराम करने की सलाह भी दी। उन्होंने पारुल और प्रियंका के कोच गौरव त्यागी के विषय में कहा कि वह खेलों के प्रति निष्ठावान हैं, जिसका नतीजा उनकी शिष्याओं की सफलता है।
खेल मैदान की भूमि कब्जामुक्त न होने से है समस्या
लंबे समय से खेल मैदान भूमि को कब्जामुक्त कराने की लड़ाई का जिक्र करते हुए योगेंद्र पाल सिंह कहा कि वर्ष 2004 में एक फैसले में हाईकोर्ट ने इसे तत्काल कब्जामुक्त कराने के आदेश पारित किये थे, लेकिन ये दुर्भाग्य की बात है कि इस बात को अब करीब 20 साल होने को आए हैं, लेकिन मौजूदा वक्त में लंबित कब्जाधारियों द्वारा किये गये केसों का निस्तारण अभी तक नहीं हो पाया है। कहा कि हम इसके लिये निरंतर तारीखों पर भी जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई साकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। कहा कि खिलाड़ियों के हक की लड़ाई के लिये वह कहीं तक भी जाने को तैयार हैं।
बॉस्केटबाल कोर्ट पर चल रहा काम
आरएसओ ने बताया कि बीती 21 जून को अंतर्राष्टÑीय योग दिवस पर आमंत्रित विजय पाल तोमर, जिलाधिकारी दीपक मीणा और मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल के समक्ष उन्होंने बॉस्केटबाल कोर्ट के लिये मिली निधि को नाकाफी होने का जिक्र किया था। जिसके बाद उन्होंने इसे बढ़ा दिया था। वर्तमान में बॉस्केटबाल कोर्ट की पुरानी परत उतारी जा रही है। ट्रैक एंड फील्ड इवेंट के लिये सिंथेटिक ट्रैक के कुल बजट 8 करोड़ 56 लाख में से आधी रकम प्राप्त हो चुकी है और अगस्त में इस पर काम शुरू हो जायेगा।

