Thursday, April 2, 2026
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नाहिद की जेल शिफ्टिंग के पीछे कंडेला महापंचायत तो नहीं!

  • आठ माह से गैंगस्टर एक्ट मुकदमे पर नहीं हो सकीं सुनवाई
  • विधायक को जीत के बाद अभी तक नहीं दिलाई गई शपथ

जनवाणी संवाददाता |

कैराना: विद्युत विभाग के खिलाफ 20 दिन पहले कंडेला में आयोजित होने वाली महापंचायत विधायक नाहिद हसन की जेल स्थानांतरण का कारण बनती नजर आ रही हैं। इसके अलावा विधायक के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे पर न्यायालय में सुनवाई नहीं हो सकीं। न ही, विधायक को अभी तक विधायकी की शपथ नहीं दिलाई गई है।

विपक्षी नेता सत्ताधारी पार्टी की नीतियों को लेकर समय-समय पर आवाज उठाते रहते हैं। लेकिन कैराना की राजनीति के मुख्य केंद्र रहे हसन परिवार के युवा विधायक नाहिद हसन अबकी बार कैराना विधानसभा से तीसरी बार विधायक चुने गए। जनता जनार्दन ने अपना समर्थन देकर उनको अपना जनप्रतिनिधि बनाया। कद्दावर नेता रहें मरहूम सांसद मुनव्वर हसन की मौत के बाद उनके इकलौते बेटे नाहिद हसन ने अपनी राजनीतिक विरासत संभाली थी। तभी से नाहिद हसन अपने तेवरों के चलते सत्ताधारी भाजपा की सरकार की गलत नीतियों के विरुद्ध हमेशा मुखर नजर आए।

करीब डेढ़ साल पहले युवा विधायक नाहिद हसन को घेरने की तैयारी शुरू की गई। कैराना कोतवाली में फरियादियों के साथ हो रहे उत्पीड़न के विरोध में नाहिद हसन के तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा के साथ बहस हुई। पुलिस प्रशासन के गलत रवैया के कारण नाहिद हसन ने जेल भरो आंदोलन की घोषणा कर दी थी। विपक्षी दल के विधायक द्वारा जेल पर आंदोलन की घोषणा के बाद लखनऊ तक इसकी गूंज पहुंची तो कैराना को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। बाद में विधायक की ओर से राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर जेल भरो आंदोलन का निर्णय वापस ले लिया था। पुलिस प्रशासन द्वारा एका एक सपा विधायक को घेरने की तैयारी कर ली थी।

उनके खिलाफ छोटे बड़े मुकदमे दर्ज किये जाने लगे। करीब डेढ़ साल पहले पुलिस ने सपा विधायक सहित 40 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। 2022 विधानसभा चुनाव के लिए सपा ने अपने मौजूदा विधायक पर विश्वास जताते हुए उन को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। 15 जनवरी को नामांकन के दौरान पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। नाहिद हसन जेल में बंद रहते हुए ही चुनाव लड़े और निर्णायक जीत हासिल की।

गत 4 सितंबर को विद्युत विभाग के खिलाफ कंडेला में ग्रामीणों ने महापंचायत का आयोजन किया। जिसमें उनकी छोटी बहन इकरा हसन पहुंची तो भाजपा एमएलसी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र सिंह मंच छोड़ कर चल पड़े थे। महापंचायत आयोजकों द्वारा भाजपा एमएलसी को बामुश्किल मंच पर बैठाया गया था। अपने संबोधन के दौरान इकरा हसन ने भाजपा सरकार की गलत नीतियों का बखान करते हुए सरकार के विरुद्ध बोलने का काम किया था जबकि मंच पर भाजपा नेताओं का वर्चस्व था। जिस तरह एक दिन पहले अचानक विधायक नाहिद हसन की जेल स्थानांतरण का काम किया गया। उससे यहीं कयास लगाए जा रहे हैं कि इकरा हसन का कंडेला महापंचायत में सरकार के खिलाफ बोलना विधायक नाहिद हसन की जेल शिफ्टिंग का कारण बनी है।हालांकि एक तबगा ऐसा भी है जो शिफ्टिंग का मुजफ्फरनगर जेल में उनसे मुलाकात करने वाले लोगों की संख्या आए दिन अधिक होना है। वैसे उनके जेल स्थानांतरण के कयास पहले से ही लगाए जा रहे थे।

गैंगस्टर एक्ट 15 दिन में हो जाती है जमानत

विधायक नाहिद हसन सहित 40 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट लगाई गई थी। बताया गया कि मामले में 38 लोग जेल जा चुके हैं। जिनकी करीब 10 से 15 दिन में जमानत हो चुकी हैं, लेकिन विधायक नाहिद हसन की साढ़े आठ माह बाद भी गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में न्यायालय में सुनवाई तक नहीं हो सकी जिस कारण विधायक को लगातार जेल में रहना पड़ रहा है।

नाहिद जीत के बाद अब तक नहीं ले सके शपथ

विधानसभा 2022 चुनाव में लोगों ने अपना वोट देकर सपा विधायक नाहिद हसन को विधायक बनाया था। उस समय उनकी जीत का प्रमाण पत्र तो मिल गया, लेकिन आज तक भी उनको नियमानुसार शपथ नहीं दिलाई गई। बताया गया कि कई बार विधायक ने न्यायालय में शपथ के लिए अनुमति मांगी, लेकिन किसी कारणवश उनको अनुमति नहीं मिल सकी।

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