Tuesday, March 24, 2026
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पंजाब में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स से जुड़े टारगेट किलिंग गैंग का भंडाफोड़

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: पंजाब की खन्ना पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) द्वारा चलाए जा रहे टारगेट किलिंग गैंग के चार सदस्यों को धर दबोचा है। आरोपियों के पास से दो 32 बोर पिस्टल, चार मैगजीन, दो कारतूस, एक कारतूस का खोल और एक देसी पिस्तौल बरामद हुआ है।

सिटी पुलिस दो ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ नूपी निवासी गांव ढाढी थाना श्री कीरतपुर साहिब, जसविंदर सिंह निवासी गांव फतेहपुर बुंगा थाना श्री कीरतपुर साहिब, गौरव जैन उर्फ मिंकू निवासी वार्ड नंबर आठ कस्बा कालियावाला जिला सिरसा और प्रशांत सिलेलान उर्फ कबीर निवासी वाल्मीकि बस्ती सूरजकुंड रामबाग मेरठ। फिलहाल वह चंडीगढ़ के धनास में रहता है।

पूछताछ में पता चला है कि गैंग के मुखिया और भारतीय सेना का पूर्व सिपाही जसप्रीत सिंह के खिलाफ राज्य के विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत सात मामले दर्ज हैं। एसएसपी गुरशरणदीप सिंह ने बताया कि जब थाना सिटी- दो के एसएचओ आकाश दत्त ने पुलिस पार्टी के साथ जीटी रोड पर बने प्रीस्टाइन मॉल के सामने नाकाबंदी की तो थोड़ी देर बाद एक कार को रुकने का इशारा किया।

इसके बाद कार सवार तीन व्यक्तियों में से एक व्यक्ति ने पुलिस पर फायरिंग की और भागने की कोशिश की।

पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला और दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि एक व्यक्ति भागने में कामयाब रहा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद फरार आरोपी और उसके एक अन्य साथी को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों ने हथियारों के बल पर जीरकपुर-एयरपोर्ट रोड से यह कार छीनी थी और खरड़ रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप से 50 हजार रुपये भी चुराए थे।

एसएसपी ग्रेवाल ने बताया कि गैंग का मुखिया आरोपी जसप्रीत सिंह 28 अप्रैल 2021 को पटियाला जेल से अपने अन्य साथी शेर सिंह निवासी गांव लोपोके जिला अमृतसर और इंद्रजीत सिंह उर्फ धियाना निवासी गांव रानीपुर कंबोआं थाना रावलपिंडी जिला कपूरथला के साथ फरार हो गया था।

एसएसपी ने बताया कि गैंग का मुखिया जसप्रीत सिंह उर्फ नूपी 2017 में एक कत्ल के मामले में गिरफ्तार हुआ था और कोर्ट से जमानत मिलने के बाद से वह भगोड़ा हो गया था। इसके बाद कथित आरोपी जसप्रीत के जर्मनी स्थित केएलएफ संगठन के हैंडलर के साथ गहरे संबंध स्थापित हो गए, जो उन्हें आर्थिक तौर पर मदद करके टारगेट किलर के रूप में तैयार कर रहा था।

आरोपी जसप्रीत सिंह के अनुसार उनके कहने पर उसने पंजाब के कई संवेदनशील लोगों की रेकी भी की थी। आरोपी ने यह भी बताया कि केएलएफ उसे वेस्टर्न यूनियन या पेटीएम के जरिये कई बार फंडिंग कर चुका है। उन्होंने ही उसे वारदात को अंजाम देने के लिए उत्तराखंड के रुद्रपुर से हथियार मुहैया करवाए थे।

इन अपराधियों को गिरफ्तार करके खन्ना पुलिस ने राज्य में होने वाली कई बड़ी घटनाओं की साजिश को विफल किया है। एसएसपी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और अब यह पता लगाया जाएगा कि वह राज्य में किस-किस को अपना निशाना बनाना चाहते थे।

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