Monday, March 23, 2026
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पहले किंग बेकरी अवैध, अब उसके पीछे की बिल्डिंग

  • एमडीए ने की थी कार्रवाई, फाइल पिछले कई माह से कमिश्नर के स्तर पर है विचाराधीन, अब सिर्फ कार्रवाई का इंतजार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: पीएल शर्मा रोड पर स्थित किंग बेकरी की बिल्डिंग तो अवैध है ही इसके ठीक पीछे बिल्डिंग अवैध बनाई जा रही है। किंग बेकरी पर एमडीए ने कार्रवाई की थी, जिसकी फाइल पिछले कई माह से कमिश्नर के स्तर पर विचाराधीन है, जिसमें कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। दरअसल, किंग बेकरी की बिल्डिंग तो तीन मंजिल बना दी, लेकिन उसके पास पार्किंग नहीं है।

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पार्किंग को बेसमेंट में होना दर्शाया गया, लेकिन इस पर भी मेरठ विकास प्राधिकरण के इंजीनियर ने आपत्ति लगा दी, जिसके बाद से ही बिल्डिंग पर सवालिया निशान लग गए हैं। मेरठ विकास प्राधिकरण ने इसकी पूरी फाइल तैयार कर कार्रवाई से पहले कमिश्नर के पास भेज दी। किंग बेकरी के मालिकों ने इसकी कंपाउंडिंग कराने के लिए एक करोड़ चेक भी प्राधिकरण में जमा कराया था, लेकिन प्राधिकरण ने इसे अस्वीकृत कर दिया।

दरअसल, किंग बेकरी की बिल्डिंग नियमानुसार कंपाउंडिंग नहीं हो सकती, जिसके बाद ही किंग बेकरी के मालिक कमिश्नर के यहां पहुंचे, जहां पर अवैध तरीके से बनाए गई बिल्डिंग को लेकर सुनवाई चल रही है। सुनवाई को तीन से चार माह बीत गए हैं, लेकिन निर्णय अभी इसमें कुछ नहीं आया है। यही नहीं, अब लोगों में भी दुस्साहस बढ़ने लगा है। क्योंकि किंग बेकरी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाने पर इसी के पीछे तीन मंजिल बिल्डिंग बना दी गई है। यह बिल्डिंग ग्राउंड स्तर पर इसका मानचित्र स्वीकृत कराया गया है, लेकिन मानचित्र से अलग निर्माण कर दिया गया है।

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दूसरी मंजिल पर और तीसरी मंजिल पर नक्शा ही पास नहीं है, जिसको लेकर मेरठ विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों ने हाल ही में निर्माण कार्य रुकवा दिया था, लेकिन निर्माणकर्ता और मेरठ विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों की सेटिंग का खेल चला, जिसके बाद फिर से निर्माण कार्य चालू कर दिया है। महत्वपूर्ण बात है कि बिल्डिंग में अवैध निर्माण चल रहा है, लेकिन प्राधिकरण आंखें मूंदे बैठा है। इसका भी वही हश्र हो सकता है, जो किंग बेकरी का हुआ है, लेकिन किंग बेकरी पर निर्णय नहीं आया, जिसके चलते इसके आसपास में भी अवैध निर्माण करने वालों का दुस्साहस बढ़ गया है। यही वजह है कि पीएल शर्मा रोड पर लगातार अवैध निर्माण चल रहे हैं।

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इंजीनियरों से सेटिंग करने के बाद जो चाहते हैं, वही किया जा रहा है। बिल्डिंग अवैध बन रही है, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं की जा रही है। इसको लेकर प्राधिकरण उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी को शिकायत एडवोकेट अशोक चौहान ने की थी, मगर उनकी शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अवैध निर्माण को लेकर हाईकोर्ट भी पहुंच गए हैं, जिसमें एमडीए के इंजीनियरों का जवाब तलब किया जा सकता है। इसके बाद भी इंजीनियर अवैध निर्माण कराने से घबरा नहीं रहे हैं।

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