- ज्ञापन में किसानों की स्थिति से कराया अवगत
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश किसान सभा की ओर से एसडीएम को ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने बताया कि देश को पूंजीपतियों के हाथ में दिये जाने की साजिश की जा रही है। किसानों का गन्ने का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है। केन्द्र सरकार को एमएसपी का कानून बनाया जाना चाहिए।
बुधवार को उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिलाध्यक्ष सुखपाल सिंह के नेतृत्व में बड़ौत तहसील में पहुंच कर भाकपा कार्यकर्ताओं ने धरना व प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम को ज्ञापन दिया। इस ज्ञापन में उन्होंने बताया कि सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेकर एसएमपी पर कानून बनाना चाहिए। जिससे किसान पूंजीपतियों के हाथ से न लुटें। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार एसएमपी को है और रहेगा बताती है तो पिर इस पर कानून ही क्यों नहीं बनाती है। दूसरी फसलों की एसएमपी पर खरीद क्यों नहीं की जाती है।
किसान दूसरी फसलों को आधे-पौने दामों में बेचने पर मजबूर होता है। ज्ञापन में उन्होंने चीनी मिलों से गन्ना किसानों के भुगतान की मांग की। उन्होंने बताया कि कानूनन 14 दिन में गन्ने का भुगतान हो जाना चाहिए। लेकिन एक साल तक भी भुगतान नहीं दिया जा रहा है।
यह किसानों के साथ अन्याय है। सरकार कानून को खुद ही नहीं मान रही है। पूंजीपतियों को देश बेचने की तैयारी की जा रही है। अनेक मुनाफे वाले संस्थान प्राइवेट हाथों में दे दिए गए। कुछ को देने की तैयारी की जा रही है। मलकपुर चीनी मिल पर एक साल का भुगतान बकाया रह रहा है।
ज्ञापन देने वालों में सुखपाल सिंह, वीरेन्द्र सिंह, अर्जुन मान, राजीव पंवार, मोहित, सोनू, राजेन्द्र, विकास राणा, मनोज मान, अंकित, सतेन्द्र, शौकत, सविता, अनुराधा, सर्वेश मान, हामिद, अनिल तोमर, रामनिवास, मौहम्मद युनुस आदि मौजूद थे।
फोटो:बड़ौत तहसील में प्रदर्शन करते भाकपा कार्यकर्ता।

