- एटीएस की मौजूद और ड्रोन की निगरानी में कांवड़िये पहुंचे अपनी मंजिल पर
- कंट्रोल रूम के जरिये चप्पे-चप्पे पर रही अधिकारियों की नजर
- दो लाख से अधिक कांवड़ियों ने किया भोले बाबा का रुद्राभिषेक
- सादेवर्दी में भी तैनात किए गए थे महिला और पुरुष पुलिस कर्मी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्राचीन काली पलटन मंदिर पर कडेÞ सुरक्षा घेरे में शुक्रवार को दो लाख शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के डीएम और एसएसपी सरीखे तमाम आलाधिकारी खुद भी मौजूद रहे। डीएम दीपक मीणा व एसएसपी डा. विपिन ताडा तो शुक्रवार अल सुबह काली पलटन तथा पहुंच गए। इससे पहले एसएसपी ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर पहुंचकर डीजे कांवड़ जो ठहरी हुई थीं, उनको सुरक्षित शहर से बाहर निकलवाने के आदेश दिए। उसक बाद पुलिस की एक टीम ऐसी कांवड़ों को शहर की सीमा तक सुरक्षित निकालने गई। वहां से एसएसपी काली पलटन दोबारा लौट आए और डीएम के साथ तमाम सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
कंट्रोल रूम से निगरानी
डीएम व एसएसपी काली पलटन मंदिर पहुंचने के बाद सीधे कंट्रोल रूम पहुंचे। कंट्रोल रूम में बैठकर उन्होंने कौने-कौने की का जायजा लिया। वहां मौजूद एएसपी से उन्होंने फीड बैक लिया। साथ निगरानी के तरीकों को लेकर फीड बैक लिया। किस कैमरे पर अधिक नजर रखनी है। डीएम व एसएसपी ने मंदिर में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे एटीएस व दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से भी बात की। मंदिर समिति के पदाधिकारियों से भी जलाभिषेक की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की।
इनके कंधों पर थी जलाभिषेक की जिम्मेदारी
एसएसपी ने बताया कि जलाभिषेक के लिए काली पलटन मंदिर पर दो एएसपी, आठ डीएसपी, 15 इंस्पेक्टर, 112 सब इंस्पेक्टर, 550 कांस्टेबल मंदिर के आसपास तैनात किए गए हैं। 24 कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। देर रात तक 20 हजार से अधिक कांवड़िये मंदिर के आसपास आमद दर्ज हो चुकी थी।
कई श्रद्धालुओं के मोबाइल चोरी
काली पलटन मंदिर पहुंचने वालों के बड़ी संख्या में मोबाइल गुम हुए या फिर चोरी हुए। एक अनुमान के अनुसार कम से कम 200 लोगों ने पुलिस प्रशासन के कैंप पर मोबाइल चोरी या गुम होने की शिकायत दर्ज करायी है। हालांकि इस तरह की शिकायतें आने के बाद कंट्रोल रूम से बराबर एनाउंसमेंट किया जाता रहा कि मोबाइल व पर्स को लेकर सावधानी बरतें। जिनका मोबाइल चोरी हुआ उन्होंने खुद भी बहुत प्रयास किया, लेकिन इतनी भीड़ में मोबाइल यदि गिर भी जाए तो उसका मिलना आसान नहीं था।
शोहदों पर भी थी नजर
काली पलटन के आसपास एसएसपी ने सादेवर्दी में बड़ी संख्या में महिला व पुरूष पुलिस कर्मी तैनात किए थे, ताकि छेड़खानी इसी प्रकार की अन्य घटना जिससे शांति भंग हो सके उस पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा था कि मंदिर के आसपास लोग देर तक ना रूकें। वहां मुस्तैद सेना के जवान भी पुलिस कर्मियों के साथ लोगों को लगातार आगे बढ़ते रहने को कह रहे थे।
चारों तरफ उमड़ा शिव भक्ति का जनसैलाब
शिव चौक से लेकर वेस्ट एंड रोड, शीशे वाला गुरुद्वारा, रजबन चौराहा समेत सदर क्षेत्र का कोई मार्ग ऐसा नहीं बचा, जहां कांवड़ियों और शिवभक्तों का सैलाब न उमड़ रहा हो। हर तरह बम-बम भोले की गूंज के साथ बहुत से कांवड़िये अपनी-अपनी आस्था का परिचय देते हुए लेटकर भगवान आशुतोष को जल अर्पित करने के लिए जाते नजर आए। अपने दोनों हाथों को जोड़कर नंगे पैर और लेटकर शिव चौक से बहुत से कांवड़ियों ने बाबा औघड़नाथ मंदिर तक का सफर पूरा किया। उनके साथ चलने वाले कांवड़ियों ने निशान लगाकर दूरी को चिंहित करने में सहयोग किया।

ब्रह्मपुरी निवासी निक्की, जवाहरनगर निवासी संगीता, भैंसा मवाना निवासी सुमित, रजपुरा निवासी सुमित, सूरज, रोहन, गोलागढ़ रोहटा रोड निवासी सागर, विपिन, गौतमनगर निवासी उमंग, अम्हेड़ा निवासी राहुल उन हजारों कांवड़ियों में शामिल कुछ ऐसे नाम हैं, जिन्हें जनवाणी संवाददाता ने लेटकर भगवान आशुतोष को जलाभिषेक के लिए जाते हुए देखा। सबकी अपनी आस्था और भगवान के प्रति श्रद्धा भाव देखते ही बन रहा था। हर किसी के दिल में भोले भंडारी के प्रति एक विश्वास की डोर भी बंधी हुई थी और कहीं न कहीं कोई कामना पूरी होने का भाव भी एक कोने में टिमटिमाता हुआ दिखाई दे रहा था।
रेलेवे रोड निवासी आकाश और विकास ने बताया कि उन्हें जलाभिषेक करने के लिए तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। मन्नु, साहिल, हर्ष, युवी निवासी माधवपुरम दो दिन पहले ही मंदिर पहुंच गए थे, जिन्होंने शुक्रवार को बाबा औघड़नाथ मंदिर में भगवान आशुतोष को जल चढ़ाया, और अपने परिवार के लिए खुशहाली की कामना की। इनमें शामिल युवी ने परिक्रमा करने के उपरांत जलाभिषेक किया। यहां से वे बिल्वेश्वर महादेव मंदिर में जल चढ़ाने के लिए रवाना हो गए। भाटवाड़ा निवासी हर्ष, अविनाश, अक्षय, रोहन शाम के समय तक मंदिर परिसर में पहुंचे और अपनी बारी का इंतजार किया।


