जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के माहौर तहसील स्थित बद्दर गांव में भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन में एक घर पूरी तरह मलबे में दब गया, जिससे उसमें रह रहे एक ही परिवार के सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में माता-पिता और उनके पाँच बच्चे शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा सुबह-सुबह हुआ, जब अचानक आए भूस्खलन ने ढलान पर बने मकान को चपेट में ले लिया। घटना के समय पूरा परिवार घर के भीतर मौजूद था। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है।
कराड़ा गांव में बादल फटने से सात की मौत
इसी बीच, माहौर तहसील के ही कराड़ा गांव में बीती रात बादल फटने की एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें नजीर अहमद, उनकी पत्नी वजीरा बेगम और उनके पाँच बच्चों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने सुबह घटनास्थल से सभी शव बरामद किए।
जेकेएनसी के विधायक खुर्शीद अहमद ने बताया कि इलाके में पहले कभी ऐसी भीषण बारिश नहीं देखी गई थी। उन्होंने प्रशासन से स्थायी समाधान और पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजा देने की मांग की।
#WATCH | Katra, J&K: On Mahore landslide, JKNC MLA Khurshied Ahmed says, "In Mahore tehsil, there is a small village – Karada. An incident of a cloudburst occurred there last night…One Nazeer Ahmed, his wife Wazeera Begum and their five children have died…We had never seen… pic.twitter.com/BaW0W3lPW7
— ANI (@ANI) August 30, 2025
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों से सतर्क रहने और भारी बारिश के दौरान कमजोर या संवेदनशील मकानों में न रुकने की अपील की है। साथ ही आपदा की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करने का आग्रह भी किया गया है।
यह घटना राज्य में जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन के प्रति गंभीर सोच और तैयारी की जरूरत को एक बार फिर सामने लाती है।

