- गोलाकुआं पर पुलिस की उपस्थिति में उड़ी नियमों की धज्जियां
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: संक्रमण को ब्रेक करने के लिए प्रदेश सरकार ने 10 मई तक लॉकडाउन की तिथि को विस्तारित कर दिया है। जिससे संक्रमण की स्थिति को कं ट्रोल किया जा सकें, लेकिन जमीनी स्तर पर लॉकडाउन की धज्जियां हर रोज उड़ाई जा रही है। जबकि शासन के सख्त निर्देश है कि सभी जिला प्रशासन सख्ती से अपने-अपने शहर में लॉकडाउन को लागू करें। उसके बाद भी प्रशासन सिर्फ मार्केट को बंद कराने तक ही सीमित है।
हापुड़ अड्डे से लेकर भुमिया पुल तक के इलाकें में हर रोज नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही है। सुबह से लेकर शाम तक लोगों का मेला लगा रहता है। इसी तरह का नजारा बुधवार को भी देखने को मिला। आश्चर्य की बात यह है कि गोलाकुआं चौराहे पर पुलिस के सिपाही भी ड्यूटी दे रहे थे। उसके बावजूद भी वहां पर कोई भी नियमों का पालन करने को तैयार नहीं थी।
भीड़ अधिक होने के कारण सिपाही ने भी किसी को कुछ कहना उचित नहीं समझा। जबकि शासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएं। दरअसल, जनपद सहित उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं, मौत की दर भी बढ़ गई है। इसी पर रोक लगाने के लिए यूपी में पहले नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया था।
बाद में कोरोना कर्फ्यू या वीकेंड लॉकडाउन लागू कर दिया गया। इसमें कई बार बदलाव भी किए गए। बाद में हफ्ते में चार दिन का कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया। अब फिर से विस्तारित करते हुए इसे 10 मई तक बढ़ा दिया गया हैं एवं 20 मई तक शैक्षणिक कार्य पर भी रोक लगाई गई है। बता दें कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं की सुविधा दी जाएगी। साथ ही उद्योग, परिवहन व जरूरी सेवाओं को छूट दी जाएगी। वहीं, सड़कों पर पुलिस की तैनाती रहेगी। बेवजह घर से बाहर निकलने वालों का चालान किया जाएगा।
व्यापारी नेता का आरोप लॉकडाउन के नाम पर पुलिस कर रही उत्पीड़न
लॉकडाउन की लगातार बढ़ रही तिथि को लेकर व्यापारी संगठन उलझन में फंस गए है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बुधवार को लॉकडाउन के दौरान बाजारों को खोलने व बंद करने के संबंध में डीएम से स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की है।
उन्होंने पुलिस पर भी लॉकडाउन में व्यापारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं, दवा की दुकान समेत ई-कॉमर्स आपूर्ति को चालू रखे जाने की बात शासन ने कही है, ऐसे में दुकानदार दुविधा में है कि आवश्यक वस्तुओं में किराना की दुकानें आती है या नहीं और किस समय तक दुकानों को खोला जाए आदि बातों को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति है। ऐसे में उन्होंने डीएम से बाजारों को खोलने व बंद करने के बारे में स्पष्ट आदेश जारी करने को कहा है। ताकि व्यापारियों की उलझन खत्म हो जाए। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में डीएम को कई बार अवगत करा चुके है, लेकिन उनके द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

