- भाकियू ने कहा-पथराव न करते तो लखीमपुर खीरी कांड हो जाता
- पर्दे के पीछे से पुलिस से दर्ज करवा दिया मुकदमा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/सरधना: छुर गांव में रालोद कार्यकर्ताओं पर पथराव करने के आरोप का चुनावी स्टंट सिवालखास से भाजपा प्रत्याशी मनिंदरपाल सिंह को महंगा पड़ गया। फर्जी आरोप लगाकर चुनावी फायदा लेने के कारण भारतीय किसान यूनियन खुलकर विरोध में आ गई है। भाकियू जिलाध्यक्ष ने सरधना थाने में खुलकर आरोप लगाया है कि भाजपा प्रत्याशी की पूरी मंशा लखीमपुर कांड को दोहराने की थी।
भाकियू ने कहा कि अगर किसान पथराव न करते तो भाजपा का काफिला किसानों को कुचल कर लखीमपुर कांड दोहरा देता। किसानों की सजगता के कारण बड़ी घटना होने से बच गई। भाकियू ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस ने प्रकरण में कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर 20 नाजमद व 60-65 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
सिवालखास विधानसभा में मनिंदरपाल सिंह के लिये मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। बाहरी व्यक्ति का तमगा वैसे ही भाजपा के लिये मुसीबत का सबब बना हुआ था। वहीं, छुर की घटना ने रही सही कसर पूरी कर दी। पहले पाथौली में और अब छुर की घटना ने साबित कर दिया कि भाजपा प्रत्याशी चुनावी मैदान में बने रहने के लिये हर तरह के हथकंडे अपनाएंगे। छुर में पथराव की फर्जी पटकथा लिख कर रालोद कार्यकर्ताओं पर निशाना साधने के बाद जाट मतदाताओं की नाराजगी न झेलनी पड़े इसके लिये पर्दे के पीछे से पुलिस पर दबाब डालकर कोविड उल्लंघन का मुकदमा तक दर्ज करवा दिया। भाजपा प्रत्याशी की इस हरकत से पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है, ऐसा ग्रामीण खुलकर कहने लगे हैं।
गौरतलब है कि सिवालखास विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी मनिंदरपाल सिंह सोमवार को छुर गांव में जनसंपर्क करने गए थे। जहां दर्जनों लोगों ने नारेबाजी करते हुए उनके काफिले पर पथराव कर दिया था। जिसमें कई गाड़ियों के शीशे टूट गए थे। मगर इस मामले में प्रत्याशी की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन करने पर 20 नामजद व 60-65 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मगर हमले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। नामजद लोगों में जगत, बाबी, सचिन, छोटू, अमित, सनी, सूर्या, कल्लू, रोहित, भूरा, सूरज, जगमोहन, गोरा, गुड्डू, कार्तिक, श्यामबीर, रविंद्र, अक्षय, अंकुर तथा 60-65 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। वहीं, मामले में भाकियू हमला करने वालों के पक्ष में उतर आया है। मंगलवार को भाकियू के जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी टीम के साथ कोतवाली पहुंचे।
उन्होंने इंस्पेक्टर से वार्ता की। कहा कि भाजपा प्रत्याशी के काफिले ने सड़क पर खड़े किसानों को कुचलने की कोशिश की थी। भाजपा की कोशिश लखीमपुर कांड को दोहराने की थी। इस कारण किसानों ने आत्मरक्षा में गाड़ियों पर पत्थर मारे। भाकियू ने पुलिस से मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। इंस्पेक्टर लक्ष्मण वर्मा ने उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

