जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई प्रमुख नेताओं और नागरिकों ने डॉ. सिंह को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया।
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को अविभाजित भारत के गाह (अब पाकिस्तान) में हुआ था। एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने न केवल भारत के आर्थिक भविष्य को आकार दिया, बल्कि दो बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व करते हुए ईमानदारी, विनम्रता और दूरदृष्टि का उदाहरण भी पेश किया। उनका दुखद निधन दिसंबर 2024 में हुआ था, लेकिन उनके विचार और कार्य आज भी जीवित हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया स्मरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। हम उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के दौरान राष्ट्र के लिए किए गए योगदान को याद करते हैं।” प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उनके प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री रहते हुए निभाई गई भूमिकाओं को भारत के विकास में “अहम मील के पत्थर” बताया।
खरगे: ‘आर्थिक परिवर्तन के सौम्य शिल्पकार’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें “भारत की आर्थिक परिवर्तन का सौम्य शिल्पकार” करार देते हुए कहा “डॉ. मनमोहन सिंह विनम्रता और बुद्धिमत्ता के प्रतीक थे। उनके द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों ने देश में अवसरों के नए द्वार खोले, करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और एक मजबूत मध्यवर्ग की नींव रखी।” खरगे ने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह की नीतियाँ करुणा, न्याय और समावेशिता के सिद्धांतों पर आधारित थीं, जिससे आम लोगों के जीवन में ठोस बदलाव आया।
राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी डॉ. सिंह को याद करते हुए लिखा “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और उनके ऐतिहासिक निर्णय आज भी हमें मार्गदर्शन देते हैं।” उन्होंने डॉ. सिंह की सादगी, ईमानदारी और दूरदर्शिता को “हर भारतीय के लिए प्रेरणा” बताया।
एक अर्थशास्त्री से प्रधानमंत्री तक का सफर
डॉ. मनमोहन सिंह का सार्वजनिक जीवन असाधारण रहा है। वे 1991 में भारत के वित्त मंत्री बने और उस समय भारत गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा था। उन्होंने आर्थिक उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीति की शुरुआत कर देश को एक नए आर्थिक युग में प्रवेश दिलाया।
बाद में, वे 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे और दो कार्यकालों में उन्होंने आर्थिक स्थिरता, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए।
डॉ. मनमोहन सिंह की विरासत?
डॉ. सिंह एक ऐसे राजनेता के रूप में याद किए जाते हैं, जिन्होंने हमेशा शांति, विवेक और तर्क के साथ काम किया। राजनीतिक गलियारों में उनका स्थान एक शांत परंतु दृढ़ नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित है। उनकी जयंती पर उन्हें याद करते हुए देश ने न केवल एक महान अर्थशास्त्री, बल्कि एक ईमानदार और समर्पित जनसेवक को भी नमन किया।

