Saturday, March 7, 2026
- Advertisement -

रेलवे टेक्नीशियन की शादी समाज के लिए बनी मिसाल

  • दहेज के खिलाफ एक सकारात्मक पहल

जनवाणी ब्यूरो |

बड़गांव: क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम चंदपुर मजबता निवासी जितेन्द्र कुमार रेलवे विभाग के अंबाला ड़िविजन में टेक्निशियन के पद पर कार्यरत हैं। जितेन्द्र कुमार ने कस्बा बड़गांव निवासी अनिल चौहान पुत्री जुली से शगुन बतौर एक रुपए में शादी कर समाज के सामने एक सकारात्मक मिसाल पेश की है। बिना दहेज के शादी करके जितेन्द्र कुमार ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है, जिसकी दिनभर क्षेत्र में चर्चा रही ।

दहेज में दिये गये पांच लाख रुपए लौटाये एक रुपया व नारियल लेकर की शादी

शादी में अगर सबसे अधिक किसी चीज की चर्चा होती है तो वह है दहेज। दहेज कितना दिया, कितना लिया, इसको समाज प्रतिष्ठा से जोड़कर देखता है। दहेज को लेकर कई बार रिश्ते बिगड़ जाते है। यहां तक की महिला उत्पीडऩ के दर्ज होने वाले मुकदमों में दहेज को प्रमुख कारण माना जाता है।

ऐसे में कोई समृद्ध परिवार बिना दहेज की शादी करे तो अपने आप में सराहनीय व अनुकरणीय है। ऐसे ही एक मामला यहां देखने को मिला है। चंदपुर मजबता निवासी रतनसिंह के सुपुत्र जितेन्द्र कुमार ने शादी में एक रुपए व नारियल लेकर बड़गांव निवासी अनिल चौहान की सुपुत्री जुली से 11 दिसम्बर की रात्रि में शादी की है।

दूल्हे ने बातौर दहेज शगुन में मिले पांच लाख रुपए वापस लौटाकर एक बार सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। वधु जुली के पिता अनिल चौहान खेती करते है, जबकि मां प्रवेश देवी गृहणी है। दूल्हे जितेन्द्र कुमार के माता-पिता उषा देवी व रतनसिंह भी बिना दहेज की शादी से काफी खुश है।

जितेन्द्र कुमार ने बताया कि दहेज के चक्कर में कई युवतियों की जिंदगी नरक बन चुकी है। दहेज एक झूठी शान है। उन्होंने युवाओं से बिना दहेज की शादी करने का अनुरोध किया। वहीं वधु जूली ने बताया कि पहले तो पिताजी ने समृद्ध परिवार में शादी करने से मना कर दिया था, लेकिन पति जितेन्द्र कुमार ने बिना दहेज की शादी करने व जीवन में कभी दहेज संबंधी कोई बात नहीं करने का स्वयं व पूरे परिवार की ओर से विश्वास दिलाया। तब जाकर शादी के लिए तैयार हुए। शनिवार को आशीर्वाद समारोह में भी बिना दहेज की इस शादी की चर्चा रही।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ आवाज है ‘सूबेदार’

अस्सी-नब्बे के दशक में बॉलीवुड में अन्याय और भ्रष्ट...

यूं ही नहीं हैं शाहरुख खान ‘किंग’

रजनीकांत स्टारर फिल्म 'जेलर' (2023) को बहुत पसंद किया...

बिहार, बिहार ही रहेगा रेल तो संभालो

जब रेल पटरी से उतरने लगे तो चिंता होना...

जंगल सिर्फ पेड़ नहीं एक जीवित तंत्र है

वृक्षारोपण और प्राकृतिक वन के बीच पारिस्थितिक अंतर को...

अपने-अपने ‘एपस्टीन

इस साल की शुरुआत में उछली ‘ज्येफ्री एपस्टीन फाइल्स’...
spot_imgspot_img