जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: स्विट्ज़रलैंड के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट क्रांस-मोंटाना में नए साल के जश्न के दौरान लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है, पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। जांचकर्ताओं का कहना है कि आग लगने की वजह ‘फ्लैशओवर’ हो सकती है, जिससे आग अत्यधिक तेजी से फैल गई।
अधिकारियों के मुताबिक, यह आग स्विट्ज़रलैंड के वैले कैंटन स्थित अल्पाइन रिसॉर्ट में स्थित ‘ले कॉन्स्टेलेशन’ बार में नए साल के जश्न के दौरान लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि बार में भारी तबाही मच गई। बताया जा रहा है कि उस समय बार में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।
वैले कैंटन की अटॉर्नी जनरल बेआत्रिस पिलू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं ‘फ्लैशओवर’ की वजह से विस्फोट और आग तो नहीं लगी। उन्होंने कहा कि कई परिस्थितियों की जांच की जा रही है और विभिन्न संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। कई चश्मदीदों के बयान लिए गए हैं और घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है। पिलू ने यह भी कहा कि घटनाक्रम का सही क्रम अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और जांच पूरी तरह से जारी है।
क्या होता है फ्लैशओवर?
फ्लैशओवर एक खतरनाक आग की स्थिति होती है, जो तब उत्पन्न होती है जब किसी बंद स्थान में गर्म गैसें और धुआं छत तक पहुंचकर फैल जाते हैं। इसके बाद, तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है, जिससे वहां मौजूद सभी ज्वलनशील सामग्री एक साथ जल उठती हैं। अमेरिकी नेशनल फायर प्रोटेक्शन एसोसिएशन के अनुसार, फ्लैशओवर के दौरान आग इतनी तेजी से फैल सकती है कि पूरी जगह सिर्फ कुछ सेकंड में जल सकती है। यह एक भयावह और विनाशकारी घटना होती है, क्योंकि इसमें आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
स्विस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस घटना को आतंकवादी हमले के रूप में नहीं देखा जा रहा है। आग लगने के बाद से आपातकालीन सेवाएं पूरी रात सक्रिय रहीं। घायलों को निकालने और इलाके को सुरक्षित करने के लिए कई एंबुलेंस और बचाव हेलीकॉप्टरों की तैनाती की गई। अधिकारियों ने अभी तक मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, और फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल पर जांच कर रही हैं।

