जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एशिया के सबसे बड़े शहर सराफा बाजार की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे है, यह हाल तो तब है जब यहां रोजाना करोड़ो रूपयों का कारोबार होता है। बाजार में लगे बिजली के खंभों पर केबल नेटवर्क व वाई-फाई कंपनियों ने अपने तारों का जाल फैला रखा है। साथ ही पूरे बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी केबल नेटवर्क के तारों ने ढक दिया है। ऐसे में सराफा कारोबारियों के साथ होने वाली कोई भी अप्रिय घटना कैमरों में रिकार्ड होने से बच सकती है वहीं, आए दिन इन तारों के जंजाल में होने वाले फाल्ट बिजली आपूर्ति को भी प्रभावित करते है। शहर में वाई-फाई व केबल नेटवर्क वालों की अराजकता लगातार बढ़ती जा रही है।
इनकी कारगुजारी इस हद तक पहुंच गई है कि बाजार में लाखों रुपये खर्च कर व्यक्तिगत तौर पर सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को भी मोटे-मोटे केबलों के बंडल से ढक दिया है। सरार्फा व्यापारियों में इसको लेकर काफी रोष है। कारोबारियों का कहना है स्थानीय प्रशासन ने भी उनकी सुरक्षा के लिए कैमरे की कोई व्यवस्था नहीं कर रखी है। कारोबारियों ने स्वयं लाखों रुपये खर्च कर अपनी सुरक्षा का इंतजाम किया है, लेकिन उसका नतीजा उनके पक्ष में नहीं है। वाई-फाई व केबल नेटवर्क वालों ने अपने तारों के बंडल से सभी कैमरों का एंगल बदल दिया है या उन्हें ढक दिया है।
स्थानीय कारोबारियों का यह भी आरोप है कि केबल नेटवर्क वाले अपने तारों को काटकर सड़क पर फेंक देते हैं, जिससे दोपहिया वाहन पर चलने वाले लोग उनमें आए दिन उलझते रहते हैं। इस वजह से कई लोग घायल तक हो चुके हैं। वाई-फाई व केबल नेटवर्क संचालको पर नियम व कानून के अंतर्गत कार्रवाई की मांग की जा रही है। प्रकरण के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। इससे पहले भी टाउन हाल बिजली घर के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा विद्युत विभाग ने सीसीटीवी कैमरों के तारों को क्षतिग्रस्त कर दिया जिसके बाद कारोबारियों को फिर से लाखों रूपये खर्च करने पड़े। इंडियन मनी एक्सचेंजर एसोसिएशन के महामंत्री अवध बिहारी गुप्ता ने आइजीआरएस पोर्टल पर इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।

