Tuesday, May 26, 2026
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किठौर से पिछड़ गई मेरठ की ‘छपरौली’

  • फिर भी मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र में किठौर क्षेत्र के मुकाबले डाले गए 16935 अधिक वोट
  • छह लाख 57 हजार 051 पुरुष और पांच लाख 22 हजार 052 महिलाओं ने नया सांसद चुनने में निभाई जिम्मेदारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: निर्वाचन आयोग की ओर से मेरठ लोकसभा सीट के मतदान प्रतिशत को लेकर आधिकारिक आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। इनमें 61.88 फीसदी मतदान के साथ किठौर क्षेत्र हालांकि अव्वल रहा है, लेकिन 55.78 प्रतिशत मतदान के साथ 6.1 फीसदी पीछे रहने के बावजूद भाजपा की छपरौली कहे जाने वाले मेरठ कैंट क्षेत्र में किठौर क्षेत्र के मुकाबले 16935 अधिक वोट डाले गए हैं। मेरठ लोकसभा सीट पर मतदान प्रतिशत 58.94 रहा है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मेरठ की किठौर, मेरठ कैंट, मेरठ शहर, मेरठ साउथ और हापुड़ विधानसभा को मिलाकर पांचों विधानसभा क्षेत्र में 20 लाख 530 मतदाता हैं। जिनमें 10 लाख 75 हजार 368 पुरुष नौ लाख 25 हजार 022 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से 11 लाख 79 हजार 121 मतदाताओं ने शुक्रवार 26 अप्रैल को अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। जिनमें छह लाख 57 हजार 051 पुरुष और पांच लाख 22 हजार 052 महिलाएं शामिल हैं। इस तरह मेरठ लोकसभा सीट पर मतदान करने के मामले में महिलाओं के मुकाबले एक लाख 34 हजार 999 पुरुष अधिक सक्रिय रहे हैं। विधानसभा आंकड़ों पर नजर डाली जाए

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तो किठौर में 61.88, मेरठ कैंट में 55.78, मेरठ शहर में 61.35, मेरठ साउथ में 57.44 और हापुड़ में 59.71 प्रतिशत वोट डाले गए हैं। किठौर विधानसभा क्षेत्र में तीन लाख 68 हजार 872 के मुकाबले दो लाख 28 हजार 242 मतदाताओं ने वोट डाले। मेरठ कैंट में चार लाख 39 हजार 553 के सापेक्ष दो लाख 45 हजार 177, मेरठ शहर में तीन लाख 14 हजार 618 के सापेक्ष एक लाख 93 हजार 031, मेरठ साउथ में चार लाख 97 हजार 301 के सापेक्ष दो लाख 85 हजार 665 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

जबकि हापुड़ विधानसभा क्षेत्र में तीन लाख 80 हजार 186 के मुकाबले दो लाख 27 हजार 006 वोट डाले जा सके हैं। तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो जहां किठौर में 61.88 प्रतिशत यानि दो लाख 28 हजार 242 वोट डाले गए, वहीं मेरठ कैंट में 55.78 प्रतिशत के साथ दो लाख 45 हजार 177 मतदान हुआ। यह प्रतिशत के आंकड़ों में किठौर से 6.1 प्रतिशत कम होने के बावजूद 16935 अधिक वोट डाले जाने का प्रमाण भी देता है।

सिवालखास में 59.65% मतदान

जनपद के अंतर्गत आने वाले और बागपत से जुड़े सिवालखास में 59.65 प्रतिशत वोटरों ने मतदान किया है। सिवालखास में कुल मतदाताओं की संख्या तीन लाख 43 हजार 735 है। इनमें से दो लाख पांच हजार 052 वोट डाले गए हैं। जिनमें एक लाख 17 हजार 068 पुरुष और 87 हजार 978 महिला मतदाता शामिल हैं।

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भाजपाई कर रहे लाखों से जीत का दावा

मेरठ: मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर भाजपाइयों की मानें तो अरुण गोविल तीन लाख मतों से शानदार जीत दर्ज कराने जा रहे हैं। जबरदस्त मतदान हुआ है। यह बात सही है कि मतदान का प्रतिशत कुछ कम रहा। जितनी उम्मीद की जा रही थी उतना नहीं हुआ, लेकिन फिर भी खूब हुआ है, शानदार जीत दर्ज कराने जा रहे हैं। अब इन्हें कौन समझाए कि मतदान तो हुआ है, लेकिन जहां खूब मतदान हुआ है, वो इलाके इंडिया गठबंधन के लिए ही मुफीद साबित माने जा सकते हैं और वहां का मतदाता किसी कन्फ्यूजन में नहीं था। दावे भले ही कुछ भी करते रहिए।

अब मेरठ में ही रहने का वादा क्या होगा पूरा?

भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल ने अनेकों बार कहा था कि चुनाव परिणाम भले ही कुछ भी रहे, लेकिन अब उनकी घर वापसी हो चुकी है और वो मेरठ ही में रहेंगे। यहीं पर स्थायी ठिकाना मसलन निवासी स्थान बनाएंगे, लेकिन शनिवार सुबह मुंबई लौटने की खबर फैली तो लोग उनके उस वादे पर उनका कहना था कि सांसद राजेन्द्र जब मेरठ में होते हैं तो लोगों के दुख-सुख में भी शामिल होते हैं। उनके काम भी आते हैं, लेकिन सांसद बनने के बाद अरुण गोविल जब मेरठ में मकान ले लेंगे तभी तो यहां रहेेंगे। यही पूछा जा रहा है कि सांसद बनने के बाद अरुण गोविल का ठिकाना कहां होगा।

हर बूथ पर बसपा को मिली वोट: देवव्रत

मेरठ: मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर मतदान के बाद अब प्रत्याशी और उनके समर्थक अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। जीत को लेकर अंकगणित लगा रहे हैं। शनिवार को बसपा के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के प्रत्याशी से मिलकर उनकी जीत का दावा किया। बसपा प्रत्याशी ने हर बूथ पर उन्हें वोट मिलने की बात कही। बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी से पार्टी के कार्यकर्ता और उनके समर्थक मिले और जीत का अंकगणित लगाया। कार्यकर्ताओं ने बसपा प्रत्याशी को 40 से 50 हजार वोटों की लीड से जीतने का दावा किया। बसपा प्रत्याशी ने जीत को सभी को आश्वस्त किया।

शहर काजी की वीडियो का हुआ असर

मतदान के दिन शहर काजी की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसमें बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी द्वारा कुरान-ए-पाक की आयत यासीन शरीफ और चारों कुल शरीफ छपा एक कैलेंडर बांटने पर आपत्ति जताई गई थी और इसे जीतने के लिए गलत इस्तेमाल करने की निंदा की थी। यह तेजी से वायरल होने पर बड़ी संख्या में मुस्लिमों ने बसपा से दूरी बनाई और उसके प्रत्याशी के हक में वोट डालने से हाथ खींच लिए। बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी का कहना है कि शहर काजी की इस बात का थोड़ा-सा असर उनके चुनाव पर पड़ा।

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