- दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर चल रहे धरने को चलाने न चलाने पर चली बैठक
- 84 चौधरी देशखाप को धरने में शामिल कराने को बुलाई थी बैठक
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: दिल्ली सहारनपुर हाईवे पर चल रहे किसानों के धरने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। देशखाप चौधरी व अन्य थांबा चौधरियों ने बातचीत के बाद धरना समाप्त करने की घोषणा की थी। लेकिन, कुछ किसानों ने पट्टी मेहर बड़ौत थांबा चौधरी के नेतृत्व में धरने को जारी रखने का निर्णय लिया था।
इसी से किसानों के बीच दो गुट बन गए। बाद में लोगों ने समझा कि देशखाप बड़ी खाप है। इसलिए देशखाप चौधरी के नेतृत्व में ही धरना जारी रखने की बात मानते हुए बुधवार को देशखाप के आवास पर पट्टी मेहर थांबा चौधरी ब्रजपाल सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी समेत कई लोग उन्हें धरने का नेतृत्व संभालने को मनाने पहुंचे।

उनके मन को भांपते हुए देशखाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह ने देशखाप के थांबा चौधरियों व चौबीसी खाप चौधरी सुभाष, चौहान खाप चौधरी विवेक चौधरी कई गणमान्य लोग बुलाए।
करीब पांच घंटे तक इस बात पर मंथन चलता रहा कि धरने को समाप्त करना है या नहीं है। थांबा चौधरियों व खाप चौधरियों की एक कमरे में काफी देर तक मंत्रणा हुई।

थांबा व खाप चौधरियों ने थांबा चौधरी ब्रजपाल सिंह पर निर्णय छोड़ने की बात लोगों के बीच पहुंचकर चौधरी ब्रजपाल सिंह पर छोड़ने की बात बताई। तब फिर खुली बैठक में चर्चा चली।
थांबा चौधरी ब्रजपाल सिंह ने चौधरी सुरेन्द्र सिंह को अपना चौधरी बताते हुए उनकी बात को मानने की घोषणा की।लेकिन उन्होंने धरने पर बैठे लोगों को मनाने व्य अंत में वक्ताओं ने सलाह दी कि धरना स्थल पर पहुंचकर लोगों के बीच धरना समाप्त करने की घोषणा तब की जाए, जब उन्हें विश्वास में लिया जाए।

पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने एक समिति बनाने की सलाह दी। उनकी बात को काटते हुए रणधीर ढिकाना ने देशखाप चौधरी पर निर्णय करने की बात छोड़ दी। रेखा चौधरी सुरेंद्र सिंह जी कहां की सभी भाई आंदोलन के लिए गांव में अपनी तैयारी करें और तैयारी करने के बाद बड़े आंदोलन की बात रखें। पूरी तैयारी के साथ ही आंदोलन किया जाना मजबूत होगा।
इस मौके पर जयपाल बावली, ओमवीर हिलवाड़ी, सुभाष़ चौबीसी, बुज्ञपाल चौधरी, यशपाल, विवेक चौहान, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, नरेश बरवाला, रणवीर छपरौली, मुनेश बरवाला, श्यौदान बड़ौली, रणधीर ट्रिकाना, सुरेश राणा, रविन्द्र पोसा, बसंत बामनौली, नरेश डायरेक्टर, उपेन्द्र प्रधान, सुभाष बिजरौल, अरुण तोमर बोबी, गौरव बड़ौत, नरेश ठेकदार, संजू चौधरी, देवेन्द्र कंडेरा, रविन्द्र मुखिया, विराज तोमर, महावीर लोयन आदि मौजूद थे।

