जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हुए। उनसे ब्रिटिश हथियार डीलर संजय भंडारी से जुड़े धन शोधन (Money Laundering Case) मामले में पूछताछ की गई। वाड्रा का बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया गया।
तीन मामलों की जांच में शामिल हैं वाड्रा
ईडी रॉबर्ट वाड्रा से तीन अलग-अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में पूछताछ कर रही है। संजय भंडारी से जुड़ा मामला, हरियाणा में 2008 की एक जमीन डील और राजस्थान व अन्य जगहों के भूमि सौदे में। पिछले महीने वाड्रा को ईडी ने बयान दर्ज कराने के लिए समन भेजा था, लेकिन उन्होंने विदेश यात्रा के चलते पेशी स्थगित करने का अनुरोध किया था।
भंडारी को घोषित किया गया भगोड़ा
संजय भंडारी, जो एक हथियार डीलर हैं, 2016 में आयकर विभाग की छापेमारी के बाद लंदन भाग गए थे। हाल ही में दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित किया। हालांकि, ब्रिटेन की एक अदालत ने भारत सरकार की प्रत्यर्पण याचिका को खारिज कर दिया, जिससे भंडारी को भारत लाना अब मुश्किल हो गया है।
क्या है ईडी का आरोप?
ईडी की ओर से 2023 में दाखिल चार्जशीट में यह दावा किया गया है कि भंडारी ने 2009 में लंदन में एक संपत्ति खरीदी। संपत्ति का नवीनीकरण रॉबर्ट वाड्रा के निर्देश पर कराया गया। इस नवीनीकरण के लिए वित्तीय मदद वाड्रा की ओर से दी गई।
वाड्रा ने आरोपों को खारिज किया
रॉबर्ट वाड्रा ने इन आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया। उन्होंने कहा “मेरी लंदन में कोई प्रॉपर्टी नहीं है। मुझे राजनीतिक मकसद से निशाना बनाया जा रहा है।”
अप्रैल में भी हुई थी पूछताछ
ईडी ने वाड्रा से अप्रैल 2025 में तीन दिन तक पूछताछ की थी, जो हरियाणा में जमीन सौदों से जुड़े एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग केस का हिस्सा थी।

