- डीएम ने महिला अस्पताल के हालात 15 दिन में सुधारने के दिए निर्देश
- कोरोना नोडल अधिकारी डा. सर्वेश निराला ने विस्तार से दी जानकारी
जनवाणी ब्यूरो |
नजीबाबाद: नगर में कोविड-19 की कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि ऐसा नहीं है कि कोविड से हमारी जंग एक दो दिन एक दो महीने की है उन्होंने कहा कि जब तक कोई वेक्सीन नहीं आ जाती तब तक हालात सामान्य होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे, इसलिए हमें इस वायरस के हमले से खुद को अधिक जागरूक रखते हुए सर्तकता से रहना है।
उन्होंने नजीबाबाद में महिला अस्पताल के हालात 15 दिन में सुधारने के निर्देश दिए। एसडीएम से अस्पताल का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देने को कहा।
सोमवार को दोपहर बाद नगर के एक होटल में कोविड 19 जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें आशा, आंगनवाड़ी, लेखपाल सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
मास्टर ट्रेनर एवं कोरोना के तहसील नोडल अधिकारी डा.सर्वेश निराला ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया। डीएम रमाकांत पांडे ने कार्यक्रम में शिरकत कर आशा आंगनवाड़ी की समस्याओं को विस्तार से जाना और महिला अस्पताल में पानी और शौचालय के साथ-साथ सफाई व्यवस्था की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 15 दिन में सुधारने के निर्देश दिए। डीएम रमाकांत पांडे ने कहा कि कोरोना काल में सभी ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें। पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर कुछ लोगों द्वारा अफवाह फैलाये जाने को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि मानव शरीर में कोरोना का लोड अधिक हो जाता है तो उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है और जैसे ही शरीर से कोरोना का लोड कम हो जाता हैं तो उसकी रिपोर्ट नेगेटिव हो सकती है।
यह एक बहुत ही गंभीर बीमारी है जिसका बचाव ही इसका इलाज है। दो राशन डीलरों को बेहतर काम करने पर मीटिंग के दौरान प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि सभी आशा एवं आगनवाड़ी घर-घर जाकर अधिक से अधिक सैंपल कराएं। जो भी व्यक्ति बाहर से आ रहा है उसका सैंपल बहुत ही जरूरी है।
तहसील में कोरोना के नोडल अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सर्वेश निराला ने एक वृद्ध का उदाहरण देते हुए कोरोना के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने सभी से इस महामारी से निपटने में सहयोग करने की अपील भी की। कार्यशाला में एसडीएम बृजेश कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सीनियर मेडिकल आफिसर, तहसीलदार राधेश्याम शर्मा, बीडीओ आदि मौजूद रहे।

