- आन डिमांड गंगास्नान की ड्यूटी पर रवानगी के चलते स्टाफ की किल्लत
- जो मौजूद हैं उन्हें भी चाहिए इमरजेंसी छुट्टी, कैसे संभलेगी कानून व्यवस्था
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर के थाने भगवान भरोसे हैं। दरअसल, कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले में स्पेशल ड्यूटी के चलते जनपद के तमाम थानों से फोर्स भेजा गया है। मेरठ के आसपास की यदि की जाए तो जनपद के मखदूमपुर में गंगास्नान पर बड़ा मेला लगता है। मखदूमपुर के जिस इलाके में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गंगास्नान का मेला लगता है, वह इलाका हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में पड़ता है।
बताया जाता है कि यहां से बूढ़ी गंगा होकर बहती है और महाभारत काल से यहां कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान की परंपरा बतायी जाती है। मखदूमपुर के अलावा ब्रजघाट पर भी कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर स्नान की सदियों पुरानी परंपरा है। दोनों ही स्थानों पर लगने वाले मेलों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने होते हैं। बाहर से पुलिस फोर्स मंगाया जाता है।
थानों से गया है फोर्स
जनपद के तमाम थानों से कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाले स्थान व उससे पहले मेले के लिए फोर्स गया हुआ है। शहर का शायद ही कोई ऐसा थाना रहा होगा जिससे स्नान व मेले में सुरक्षा इंतजामों के लिए फोर्स न गया हो। शहर के थानों में फोर्स की भारी किल्लत हो गयी है। जो फोर्स है उसी से थानेदारों को काम चलाना पड़ रहा है। केवल पुरुष पुलिस कर्मी ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में महिला पुलिस कर्मियों की भी ड्यूटी गंगास्नान के मेले में लगायी गयी है।
फोर्स की भारी डिमांड
आज देव उठान यानि देवों के उठ जाने के साथ ही शादी विवाह तथा अन्य मांगलिक आयोजनों पर जो रोक लगी थी, वो खत्म हो जाएगी। इस साल देवस्यानी एकादशी गत 29 जून दिन गुरुवार को पड़ी थी। हिन्दू परंपराओं में उसके बाद देवस्यानी एकादशी के बाद भगवान विष्णु चार माह के लिए सो जाते हैं।

उसके साथ ही हिंदुओं में विवाह शादी जैसे मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं। देवउठान के साथ ही ये मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाते हैं। इसके साथ ही फोर्स की भी डिमांड बढ़ जाती है। देव उठान के साथ ही आज से शहर में शादियों का साया शुरू हो गया है। शादियों का मतलब शहर में यातायात की समस्या और उससे जुझने के लिए फोर्स की जरूरत।
थानों में फोर्स की किल्लत
शहर के थानों और चौकियों की यदि बात की जाए तो उनमें इस वक्त फोर्स की किल्लत के पीछे मखदूमपुर मेला और कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के मौके पर ब्रजघाट पर लगाने वाले बडेÞ मेले में लगने वाले स्पेशन ड्यूटी पर भी फोर्स की डिमांड रहती है। इस डिमांड को पूरी करने के लिए ही थानों से फोर्स भेजा गया है। इसकी वजह से थानों में कमी हो गयी है।
शादी, छुट्टी की दरकार
देव उठान के चलते शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हटने के साथ ही आज से शादी के साए शुरू हो गए हैं। ऐसा भी नहीं है कि पुलिस वाले शादी विवाह में नहीं जाते। उनके भी घर परिवारों में शादी विवाह समारोह होते हैं जिसके चलते उन्हें छुट्टी चाहिए।
शहर के तमाम ऐसे थाने हैं जहां के स्टाफ को रिश्तेदारी व घर परिवार में शादी में जाना है और उन्हें छुट्टी की दरकार है, लेकिन थानेदार के सामने बड़ा सवाल यही है कि जब थाने में स्टाफ ही नहीं है तो जो स्टाफ है भी उसको कैसे छुट्टी की अनुमति दी जाए।
ये कहना है एसपी सिटी का
एसपी सिटी पीयूष कुमार ने बताया कि स्पेशल ड्यूटी के चलते शहर के सभी थानों से फोर्स को मेला ड्यूटी में भेजा गया है, लेकिन फोर्स की कमी के बाद भी व्यवस्था माकूल बनी है।

