Tuesday, April 23, 2024
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मुंबई ने बनाया सबसे बड़ी जीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड

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  • रणजी में उत्तराखंड को 725 रनों से हराया, 92 साल पहले आॅस्ट्रेलिया में बना रिकॉर्ड ध्वस्त

जनवाणी ब्यूरो |

बेंगलुरू: फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बुधवार को नया रिकॉर्ड बना रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत का। मुंबई ने रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में उत्तराखंड को 725 रनों से हराया। आॅस्ट्रेलिया में 1930 में न्यू साउथ वेल्स ने क्वींसलैंड को 685 रन से हराया था। यानी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब तक रनों के लिहाज से ये सबसे बड़ी जीत थी। 92 साल बाद मुंबई ने यह रिकॉर्ड तोड़ा है। टेस्ट क्रिकेट को भी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शामिल किया जाता है।

अगर 88 साल पुराने रणजी टूर्नामेंट की बात करें तो इससे पहले सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड बंगाल के नाम था। बंगाल ने दिसंबर 1953 में ओडिशा को 540 रन से हराया था। भारत में खेले गए ओवरआॅल फर्स्ट क्लास मैचों में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड साउथ जोन के नाम है। साउथ जोन ने साल 2011 में दलीप ट्रॉफी के मुकाबले में सेंट्रल जोन को 552 रन से हराया था। मुंबई ने 647/8 के स्कोर पर अपनी पहली पारी घोषित की।

उसके बाद उत्तराखंड के बल्लेबाजों को 114 रनों पर चलता कर दिया। टीम ने दूसरी पारी 261/3 पर डिक्लेयर कर उत्तराखंड को 795 रनों का लक्ष्य दिया। इतने बड़े लक्ष्य को साधने उतरी उत्तराखंड की टीम 69 रन ही बना सकी। मुकाबले में मुंबई की ओर से सुवेद पारकर ने पहली पारी में डबल सेंचुरी जमाई, जबकि सरफराज खान ने शानदार 153 रन बनाए। इस पारी में अरमान जाफर (60) और शाम्स मुलानी (59) के बल्ले से अर्धशतक निकले। टीम की दूसरी पारी में ओपनर यशस्वी जायसवाल ने 103, पृथ्वी साव ने 72 और आदित्य तारे ने 57 रन बनाए। मुलानी ने मुकाबले में सात विकेट लिए। उन्हें पहली पारी में 4 और दूसरी में तीन विकेट मिले।

मध्य प्रदेश सेमीफाइनल में 
मध्य प्रदेश के स्पिनरों कुमार कार्तिकेय और सारांश जैन ने दूसरी पारी में पंजाब के सभी दस विकेट आपस में बांटकर उन्हें वापसी का कोई मौका नहीं दिया और अपनी टीम को 10 विकेट की बड़ी जीत दिला दी। अब सेमीफाइनल में पंजाब का मुकाबला बंगाल और झारखंड के मैच के होने वाले विजेता से होगा। दूसरी पारी में मध्य प्रदेश को 26 रन का छोटे सा लक्ष्य मिला, जिसे उनके दोनों सलामी बल्लेबाजों हिमांशु मंत्री और यश दुबे ने बिना कोई दिक्कत के आसानी से पा लिया।
हालांकि इस दौरान हिमांशु को कप्तान अभिषेक शर्मा की गेंद पर गुरकीरत सिंह ने मिड आॅन पर एक जीवनदान भी दिया। इससे पहले मैच के चौथे दिन पंजाब ने 120 रन पर पांच विकेट के साथ शुरुआत की। वह मैच में अभी भी 58 रन से पीछे थे। दिन के पहले आधे घंटे में पंजाब के विकेटकीपर बल्लेबाज अनमोल मल्होत्रा (34) और सिद्धार्थ कौल (31) ने सधी हुई शुरुआत की और ऐसा संकेत दिया कि वे मैच को और लंबा खींच सकते हैं। दोनों ने कार्तिकेय और पुनीत दाते के आक्रमण को बहुत सावधानी से खेला।
इस दौरान कौल को जब भी मौका मिला तब उन्होंने अपने हाथ भी खोले। हालांकि इसी हाथ खोलने के चक्कर में उन्हें अपना विकेट भी गंवाना पड़ा, जब सारांश की गेंद को वह मिडविकेट पर मारने के चक्कर में अपना संतुलन खो बैठे और विकेट के पीछे उन्हें स्टंप आउट करने में मंत्री ने कोई गलती नहीं की। इसके बाद विकेटों के गिरने का सिलसिला फिर से शुरू हो गया। कार्तिकेय ने अगले बल्लेबाज सनवीर सिंह को बोल्ड करके शून्य पर पवेलियन भेजा और फिर विकेट पर टिक कर खेल रहे अनमोल को स्लिप में रजत पाटीदार के हाथों में फंसाया।
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