- एनजीटी में केस संख्या 108/ 2023 की गई सुनवाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: तीन जजों के समक्ष कोर्ट नंबर एक, समय 11:45 पर एनजीटी में केस संख्या 108/ 2023 की सुनवाई की गई, नगर आयुक्त अमित पाल शर्मा एवं नगर निगम के अधिवक्ता वैभव मिश्रा बनाम लोकेश खुराना के अधिवक्ता आकाश वशिष्ठ द्वारा केस की सुनवाई की गई, सुनवाई में ज्वाइंट कमेटी द्वारा की निरीक्षण आख्या में दर्शाया गया कि नगर निगम द्वारा लोहिया नगर एवं गांवडी डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा निस्तारण वैज्ञानिक पद्धति से नहीं किया जा रहा है,
अपनी रिपोर्ट में खुले आसमान के नीचे गिला एवं सूखे कचरे को मिक्स करके पर्यावरण एवं जलवायु प्रदूषित किया जा रहा है, कचरे से निकलने वाला जहरीला पानी जमीन के अंदर जलवायु को प्रदूषित कर रहा है, एवं साइट पर कचरा की तौल के लिए लिए कोई यंत्र भी नहीं लगाया गया है। नगर निगम मेरठ अपने ही आंकड़ों के अनुसार जाल साज करके स्वच्छ भारत मिशन के धनराशि को गलत उपयोग में किया जा रहा है, जो की ठोस अपशिष्ट अधिनियम 2016 मनकों के अनुसार नहीं पाए गए हैं। नगर निगम ने एनजीटी कोर्ट में यह स्वीकार किया की लोहिया नगर में 7 लाख मैट्रिक टन कचरा वहां पर है,
लेकिन लोकेश खुराना के वकील द्वारा कार्यालय के प्रपत्र समस्त दस्तावेजों के अनुसार लोहिया नगर में 38 लाख मैट्रिक टन कचरा वहा पर मौजूद होना पाया है। एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड एवं राज्य प्रदूषण बोर्ड तत्काल आदेशित किया है कि धरातल पर कचरे का आकलन कर एनवायरनमेंट कंपनसेशन एक्ट (एक्ट के अनुसार 341 प्रति मीट्रिक टन जुर्माना लगाया जाता है) के अनुसार इन पर जुर्माना आरोपित कर एनजीटी को 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रेषित की जाए।
नगर निगम पर लगाये 1232 करोड़ का जुर्माना
शिकायतकर्ता लोकेश खुराना के अनुसार एमडीए द्वारा दी गई रिपोर्ट के विश्लेषण से 38 लाख मीट्रिक टन के हिसाब से 1232 करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अवैध पार्किंग पर पार्षदों की नजरें टेढ़ी
शहर में बिना अनुमति और नाजायज तरीके से चल रही पार्किंग पर भाजपा पार्षदों की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त को आड़े हाथ लेते हुए शहर भर में नाजायज रूप से सड़कों पर चल रही पार्किंग के बारे में सवाल पूछे हैं। भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त से पूछा है कि आखिर किसकी अनुमति से शहर में पार्किंग का अवैध धंधा चल रहा है।
मालूम हो कि नगर निगम क्षेत्र में कोई भी वाहन पार्किंग का ठेका नगर निगम द्वारा नहीं दिया गया हुआ है। इसके बावजूद शहर में अनेकों जगह अवैध पार्किंग का कार्य किया जा रहा है।
ऐसी ही एक पार्किंग टाउन हॉल घंटाघर पर है। जिसमें नगर निगम अधिकारियों की खुलकर सांठगांठ चल रही है। नगर निगम यहां प्राइवेट ठेकेदार के माध्यम से ही ठेका चलाना चाहता है। जबकि ठेकेदार ठेके से रोज लाखों की रकम वसूलने के बाद नगर निगम को सिर्फ हजारों का किराया ही दे रहा हैै। नगर आयुक्त से उनके कैंप कार्यालय में भाजपा पार्षद अनुज वशिष्ठ, भाजपा पार्षद पंकज गोयल तथा भाजपा पार्षद संदीप रेवड़ी अपने साथियों के साथ मिले तथा समस्याओं से अवगत कराया। इस पार्किंग पर सवाल उठाते हुए भाजपा पार्षदों अनुज वशिष्ठ व पंकज गोयल ने नगर आयुक्त से शहर भर में चल रही पार्किंग की सूची मांगी है।
भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त से पूछा है कि मल्टीलेवल पार्किंग नगर निगम कार्यालय में जो बनी है जिसका पैसा भी स्वीकृत हो चुका है और टेंडर मी हो चुका है, लेकिन कार्य अभी तक शुरू नही किया गया है किन कारणों से कार्य को शुरू होने में देरी हो रही है और जो वहां नगर निगम के मकान बने हुए हैं वह अब तक खाली क्यों नहीं हो पाए हैं? और जो हो रहे हैं उनमें से भी सरकारी संपत्ति को लेकर जा रहे हैं, उसपर क्या कार्रवाई हो रही है?

