- कमिश्नर सुरेंद्र सिंह से हस्ताक्षेप करने की मांग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नौचंदी मेला आरंभ होने से पहले झूलों का टेंडर किया जाता हैं। इसकी टेंडर प्रक्रिया में बड़ा खेल हो रहा हैं। मेला तो प्रशासन लगा रहा है, लेकिन व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पंचायत को दी गई हैं। कहा गया था कि टेंडर प्रक्रिया सिटी मजिस्ट्रेट की देख-रेख में की जाएगी, लेकिन जिला पंचायत ने अपने स्तर से टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी। 12 अपै्रल को टेंडर प्रक्रिया हुई, जिसको लेकर गंभीर आरोप भी लगे।
अब फिर से झूले की टेंडर प्रक्रिया सोमवार को की जाएगी। अब देखना यह है कि जिला पंचायत अध्यक्ष से सेटिंग के टेंडर डलेंगे या फिर निष्पक्ष प्रक्रिया की जाएगी। इसको लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष व अफसरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह से भी झूलों के टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर कमिश्नर कार्यालय में टेंडर डलवाने की मांग की हैं। अब देखना यह है कि झूलों की टेंडर प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष होगी? पहले भी टेंडर को लेकर ठेकेदार कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह से मिल चुके हैं तथा यह मांग कर चुके हक्े कि झूलों की टेंडर प्रक्रिया निष्पक्ष कराई जाए। इतना सब होने के बावजूद फिर भी टेंडर प्रक्रिया में घालमेल हो रहा हैं। झूलों का टेंडर करोड़ों का नौचंदी मेले के लिए किया जाता है।
दरअसल, जिला पंचायत और नगर निगम ही टर्न के हिसाब से नौचंदी मेले का आयोजक हुआ करता था, लेकिन इस बार मेला प्रशासन लगा रहा हैं। प्रशासन के पास मैनपावर नहीं हैं, जिसके चलते जिला पंचायत से इसमें सहयोग लिया जा रहा हैं। सहयोग में ही खेल किया जा रहा हैं। डीएम दीपक मीणा कह चुके हैं कि नौचंदी मेला का आयोजन शानदार रहेगा। इसमें किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
सोमवार को फिर से टेंडर प्रक्रिया हो रही हैं। इसमें घालमेल भी किया जा सकता हैं, जिसके चलते प्रशासनिक अफसरों को भी इस पर निगाहें रखनी होगी, तभी झूले के टेंडर निष्पक्ष किये जा सकते हैं। बता दें कि कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह नौचंदी मेले का उद्घाटन कर चुके हैं, लेकिन अभी धरातल पर कोई तैयारी नहीं हुई हैं। नौचंदी ग्राउंड को तैयार नहीं किया गया हैं। उसमें वर्तमान में भी पशु घूम रहे हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। जो सफाई होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई। आखिर मेला आयोजन को लेकर गंभीरता क्यों नहीं दिखाई दे रही हैं।

