- ऊर्जा निगम की घोर लापरवाही: हजारों लोगों पर हर समय मंडराता रहता है करंट लगने का खतरा
- धर्मशाला के निकट भीतरी गली में कई स्थानों पर सिर से टकराते रहते हैं तार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आभूषण तैयार करने के लिए विश्व भर में विख्यात नील गली बाजार क्षेत्र में बिजली के खंभों पर झूलते तारों से हर समय हादसों की आशंका बनी रहती है। कई बार इन तारों में लगी आग से बाजार क्षेत्र में भगदड़ मच चुकी है। कई स्थानों पर तार इतने नीचे हैं कि आने-जाने वालों के सिर को छू रहे हैं, लेकिन उद्यमियों के बार-बार मांग करने के बावजूद ऊर्जा निगम के अधिकारी इस समस्या का समाधान करने को तैयार नहीं हैं।
करीब पांच हजार वर्ग मीटर में फैले नील गली क्षेत्र में कुटीर उद्योग की तर्ज पर करीब 7500 सोने-चांदी के जेवर बनाने के छोटे-बड़े कारखाने मौजूद हैं। इन कारखानों में काम करने वाले कारीगरों की संख्या 65 हजार से अधिक बताई गई है। वहीं दिन के समय दूरदराज से आने वाले व्यपारी भी हजारों की संख्या में हर समय इस बाजार क्षेत्र में मौजूद रहते हैं। इस महत्वपूर्ण बाजार क्षेत्र में जिस तरफ भी जाएं, बिजली के खंभों में हाइटेंशन, एलटी लाइन के तार झूलते हुए मिल जाते हैं।

ऊर्जा निगम की ओर से किए गए एक करार के आधार पर इन्हीं खंभों के जरिये पूरे बाजार क्षेत्र में इंटरनेट और केबल कनेक्शनों का जाल भी बिछा दिया गया है। व्यपारी नेता डा. संजीव अग्रवाल और आशुतोष अग्रवाल बताते हैं कि इस क्षेत्र में व्यवसायिक और घरेलू कनेक्शनों की संख्या करीब 10 हजार है, और इस क्षेत्र से हर माह डेढ़ करोड़ रुपये का बिजली बिल अदा किया जाता है।
व्यापारी नेता बताते हैं कि बिजली के खंभों पर लगे एबीसी केबल कई साल पुराने हो चले हैं, जो गर्मी पाकर पिघलते हुए पूरे क्षेत्र में लटके हुए हैं। कई बार ओवरलोडिंग के कारण यह एबीसी केबल पिघलकर आग लग जाने का कारण भी बन चुके हैं। इस बारे में उद्योग बंधु की बैठक में मुद्दा उठाया जा चुका है।

लेकिन हर बार आश्वासन देने के बावजूद ऊर्जा निगम के अधिकारी इस समस्या का समाधान कराकर उद्यमियों और कारीगरों के साथ-साथ यहां आने वाले व्यापारियों को सुरक्षा का अहसास कराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। इस क्षेत्र की ओवरलोडिंग की स्थिति को दूर करने के लिए यहां दो नए ट्रांसफार्मर स्वीकृत हुए कई महीने गुजर चुके हैं, लेकिन इन्हें अभी तक स्थापित करके ओवरलोडिंग की समस्या को हल करने की दिशा में कदम नहीं उठाए जा सके हैं।
कोमल वर्मा, अनुज अग्रवाल, राज किशोर रस्तोगी, जाकिर हुसैन आदि व्यापारी बताते हैं कि बिजली के केबल में आग लगने की घटना कई बार हो चुकी है। जिसके कारण बाजार में भगदड़ की स्थिति बन चुकी है। लेकिन उनकी समस्या की ओर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं धर्मशाला और आसपास की गली की स्थिति ऐसी बन चुकी है कि नीचे होकर गुजर रहे तार यहां से गुजरने वालों के सिर से टकराते हुए देखे जा सकते हैं।
उद्योग बंधु की बैठक में उठाई गई इस गली की समस्या के संबंध में हाल ही में नील गली का मौका मुआयना किया गया है। जिसमें यह बात सामने आई है कि खंभों पर लगे इंटरनेट और केबल के तार काफी नीचे हो चले हैं। जिन्हें सही कराने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। जर्जर बिजली तारों को बदलने और दो नए ट्रांसफार्मर रखकर ओवरलोडिंग की समस्या का समाधान दिसंबर तक हो जाएगा। बिजली के एबीसी कंडक्टर और संबंधित केबल को भी टीम भेजकर ऊंचाई तक ले जाने के लिए कदम उठाया जाएगा।
-राजेन्द्र बहादुर, अधीक्षण अभियंता नगरीय क्षेत्र, मेरठ

