Monday, March 23, 2026
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प्रभारी मंत्री कुछ भी कहें, फाइलों में तो साफ हैं नाले

  • शहर में नालों के साफ-सफाई न होने के आरोपों को एक सिरे से खारिज कर रहे हैं नगर निगम अफसर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर के नालों को लेकर प्रभारी मंत्री भले ही कुछ भी कहें, लेकिन नगर निगम की फाइलों में शहर के नाले साफ हैं। निगम प्रशासन का दावा है कि एक बार तो नाले साफ कराए जा चुके हैं। इन दिनों नाला सफाई के लिए मशीनें लगायी गयी हैं, वो जो नालों की सफाई का छिटपुट काम रह गया है, उसके लिए लगायी गयी हैं। निगम अफसरों ने नालों की सफाई न होने के आरोप को एक सिरे से खारिज कर दिया है।

बारिश की दस्तक के साथ ही शहर के कई प्रमुख इलाकों में नाला सफाई के नगर निगम के दावों की पोल खुल गयी है। नालों की सफाई यदि बात करें तो कई दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश ने नाला सफाई के निगम के दावों की पोल खोलकर रख दी है। लिसाड़ी रोड, ब्रह्मपुरी, खत्ता रोड, माधवपुरम, नौचंदी मेला स्थल के आसपास के भवानी नगर सरीखे ये वो इलाके हैं। जहां थोड़ी-सी बारिश में पानी भर गया था। लोग घरों में कैद होकर रह गए थे। नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि महानगर के तमाम नाले एक बार तो साफ हो चुके हैं।

सफाई का पहला चरण पूरा हो चुका है। वर्तमान में दूसरे चरण की सफाई चल रही है। महानगर में 16 बड़े नाले हैं, 160 मंझोले और 273 छोटे नाले हैं। वहीं, इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह का कहना है कि एक बार तो शहर के सभी नालों की सफाई करायी जा चुकी है। जहां कुछ कमी रह गयी है। वहां पर सफाई करायी जा रही है। इस साल बारिश में कहीं पानी नहीं भरेगा।

नगर विकास मंत्री की 30 जून की मियाद पूरी

नगर विकास मंत्री अरविंद शर्मा ने मेरठ समेत प्रदेश भर के सभी नालों की सफाई 30 जून कराने का अल्टीमेटम अधिकारियों को दिया था। पटेल नगर नाला नगर निगम से चंद कदम की दूरी पर है। निगम अधिकारी अपने से चंद कदम की दूरी का नाला नहीं साफ कर पाए तो फिर बाकी नालों की क्या स्थिति होगी और किस प्रकार की सफाई करायी गई है।

प्रभारी मंत्री ने लगायी थी फटकार

नालों की सफाई का जायजा लेने निकले जिले के प्रभारी मंत्री जहां भी गए उन्हें चौक व कचरे से अटे हुए नाले दिखाई दिए। नालों की दशा देखकर प्रभारी मंत्री धर्मपाल का पारा चढ़ गया और उन्होंने नगरायुक्त को सख्त लहजे में नाला सफाई कराने को कहा था।

टापू में तब्दील होगा शहर

नगर निगम कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य अब्दुल गफ्फार का कहना है कि इस बार बारिश में मेरठ का टापू बनना तय है। नाला सफाई फाइलों में तो बहुत अच्छी हो रही है, लेकिन जमीनी हकीकत प्रभारी मंत्री के सामने आ चुकी है।

क्या कहते हैं पब्लिक के नुमाइंदे

  • वार्ड-78 के पार्षद संदीप ने बताया कि उनके वार्ड में दो छोटे नाले हैं। अशोक की लाट सुभाष बाजार वाले नाले की सफाई अभी तक नहीं करायी जा सकी है।
  • वार्ड-86 के इकरामुद्दीन ने बताया कि उनके वार्ड का जीजीआईसी नाला कई बार लेटर दिए जाने के बाद भी निगम अफसर साफ नहीं करा रहे हैं।
  • वार्ड-6 मोहकमपुर क्षेत्र के प्रशांत कसाना ने बताया कि नालों की सफाई के लिए मशीन मांगते मांगते वह थक गए हैं। बारिश शुरू हो चुकी है, लेकिन नाले साफ नहीं हुए हैं।
  • वार्ड-48 माधवपुरम के पार्षद दीपक वर्मा ने बताया कि इस बार मानूसन में माधवपुरम टापू में तब्दील हो जाएगा।

छोटे नालों को छोड़, बड़ों की सफाई

बरसात शुरू होने के बाद भी नगर निगम नालों की सफाई के नाम पर दिखावा कर रहा है। छोटे नालों को छोड़कर अब बड़े नालों की सफाई की जा रही है। मानसून की आमद होने के बाद भी नगर निगम नालों की सफाई के प्रति उदासीन है। हल्की-सी बारिश में अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव हो रहा है। ऐसे में नगर में बीमारियां फैलने का खतरा खड़ा हो गया है। नगर निगम आजकल बच्चा पार्क के नाले, ओडियन के नाले और आबू नाले की सफाई करा रहा है, जबकि छोटे नालों में गंदगी अटी पड़ी है। सुभाष नगर के नाले से सिल्ट अटी पड़ी है।

रौनकपुरा के नाले में भी सिल्ट भर रही है, जिससे वहां हल्की सी बारिश में जलभराव हो जाता है। ईदगाह चौराहे से बागपत गेट जाने वाले नाले में गंदगी की भरमार है। जैन नगर के नाले से भी सिल्ट से भर रहा है, जिस कारण मनसबिया के पीछे व आनंदपुरी व जैननगर में बिना बारिश पानी भर जाता है। बनियापाड़ा चौकी के सामने नाले में भी गंदगी भर रही है। सराय बहलीम और शोहराब गेट का नाला भी सिल्ट से भरा है, जिस कारण वहां जलभराव हो जाता है। प्रहलाद नगर के आग के नाले और इस्लामाबाद के नाले भी सिल्ट से भरे पड़े हैं,

ये ही वजह है कि थोड़े से मेघ बरसने पर वहां सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। हापुड़ रोड चौराहे से लेकर शंभुदास गेट तक नाला सिल्ट से भरा पड़ा है, जिस कारण आजाद रोड पर खूब जलभराव होता है। बागपत रोड के नाले में सिल्ट भरी रहने से वहां जलभराव की समस्या बनी है। टीपी नगर और गुप्ता कालोनी के नाले भी सिल्ट से अटे होने की वजह से वहां जलभराव का सामना लोगों को करना पड़ रहा है।

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