- बैठक कर समाज की कुरीतियों को दूर करने पर किया विचार विमर्श
- आपसी भाईचारे पर दिया जोर
जनवाणी ब्यूरो |
बिजनौर: अब भारतीय राष्ट्रीय रवा राजपूत महासभा बैठक में रवा राजपूत समाज के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर लड़ाई लड़ने का विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का आह्वान किया और आपसी भाई चारे पर जोर दिया।
शुक्रवार को भरत विहार रवा राजपूत धर्मशाला में भारतीय राष्ट्रीय रवा राजपूत महासभा की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में चार प्रस्तावों पर मंथन किया गया। इनमें सबसे जरुरी आरक्षण का मुद्दा छाया रहा। सर्व सम्मति से तय किया गया कि समाज को आरक्षण मिलना चाहिए। जाट, गुर्जर, अहीर ऐसी बिरादियों हैं जो राजनीति, सामाजिक, आर्थिक दृष्टि से रवा राजपूत जाति से सम्पन्न है, लेकिन आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

ऐसे रवा राजपूत समाज को आरक्षण न मिलना अन्याय है। समाज के लोग आरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसके अलावा बैठक में तय किया गया कि शादी, तेहरवी, कूआ पूजन आदि कार्यक्रमों में फिजूल खर्ची बंद की जाए। साथ ही आपसी भाईचारा बढ़ाते हुए राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक दृष्टि से समाज को मजबूत बनाने का प्रयास करने और आपसी झगड़ों को समाज के लोगों के बीच निपटाने पर जोर दिया गया।
इस मौके पर अध्यक्ष रवा राजपूत धर्मशाला सतेंद्र कुमार, रवा राजपूत संघ अध्यक्ष विनित राजपूत, मुख्य संरक्षक देवेंद्र कुमार, देवराज सिंह, प्रताप सिंह, पवन कुमार, नौबहार सिंह, उमेश राजपूत, निर्दोेष कुमार, नरेंद्र सिंह, सुखबीर सिंह आदि मौजूद रहे।

