नगर में सफाई के नाम पर तैनात कर्मचारियों की फौज काट रही मौज
जनवाणी ब्यूरो |
सरूरपुर: नगर पंचायत हर्रा में लापरवाही के चलते नगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है। कस्बे में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, नालियों में गंदगी बजबजा रही है और कूड़े के अंबार लगे हुए हैं। पिछले 20 दिनों से भी ज्यादा से नगर में रखे कूड़ेदान से बदबू उठ रही है।
जिससे कोरोना काल के इस मुश्किल समय में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। लेकिन, नगर पंचायत में सफाई के नाम पर भर्ती किए गए कर्मचारियों की लंबी फौज मौज काट रही है।
नगर पंचायत हर्रा में यूं तो स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर पंचायत करोड़ों रुपए बहाए गये हैं, लेकिन यहां सफाई के नाम पर आज भी लोगों के साथ मजाक किया जा रहा है। नगर पंचायत में तैनात अधिशासी अधिकारी पवित्रा त्रिपाठी के नियमित नहीं आने के कारण यहां तैनात सफाई कर्मचारियों की फौज ड्यूटी के नाम पर अरसे से मौज काटती आ रही है।
अफसरों की लापरवाही और हीला हवाली के चलते बेलगाम हुए सफाई कर्मचारी ड्यूटी के नाम पर खानापूर्ति करके लौट जाते हैं। जबकि कोरोना काल के इस मुश्किल दौर में नगर पंचायत में मेन रास्तों पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं, नालियां बदबू से बजबजा रही हैं और सफाई के नाम पर रखे गए डस्टबिन से बदबू उठ रही है।
जिससे नगर में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। हालांकि नगर में लगभग 42 कर्मचारियों की लंबी फौज सफाई के नाम पर तैनात है, लेकिन ठेका प्रथा पर यहां सफाई के नाम पर लोगों के साथ मजाक किया जा रहा है। नगर के लोगों इमरान, मोहम्मद, मोनू, दिलशाद, खालिद व नासिर आदि का कहना है कि नगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती है।

इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष हुस्नों बेगम से बात की गई, तो उनका कहना था कि अधिशासी अधिकारी नियमित तौर पर आती नहीं है। जिससे सफाई कर्मचारी बेलगाम हो चले हैं।

जब इस संबंध में अधिशासी अधिकारी पवित्रा त्रिपाठी से बात की गई तो उनका कहना था कि वे इस बात की जांच कराती हैं जो भी दोषी सफाईकर्मी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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