Monday, January 24, 2022
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ओमिक्रॉन: उद्यमियों की पेशानी पर बल

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  • स्पोर्ट्स कारोबार प्रभावित, कैंची उद्योग पर भी असर, अन्य प्रदेशों से आर्डर हुए कैंसिल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना के थर्ड वैरिएंट ओमिक्रॉन की दशहत अब बाजार पर भी दिखनी शुरू हो गई है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद अभी व्यापार सही तहर से पटरी पर भी नहीं पहुंचा था कि कारोबारियों में कोरोना के नये वैरिएंट का असर दिखाई देने लगा है। कारोबारियों के आॅर्डर तक कैंसिल होने शुरू हो गये हैं। साथ ही जो प्रोडक्शन भविष्य को देखते हुए स्टॉक के रूप में की जा रही थी अब उस पर भी काफी हद तक भी रोक लग गई है।

अब उद्यमियों ने स्टॉक करना बंद कर दिया है। जिसका असर बाजार पर साफ दिखाई पड़ रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान यहां निर्यातकों को हो रहा है मेरठ से निर्यात में काफी कमी आने की संभावनाएं बनने लगी हैं।

पिछले दो साल की बात करें तो देशभर में व्यापार पूरी तरह से चौपट हो चुका था। अब कुछ माह से व्यापार पटरी पर लौटा था तो कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन ने बाजार में दहशत फैला दी है। मेरठ के नजदीक ही दिल्ली में ओमिक्रॉन के केस दिन-पर-दिन बढ़ते जा रहे हैं। इसके अलावा मेरठ समेत सभी जगहों पर कोरोना के केसों में भी इजाफा हो रहा है जिसके कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है।

व्यापारी नये साल पर व्यापार अच्छा होने की उम्मीद जगाये बैठे थे, लेकिन अब व्यापार पर इसका असर दिखाई पड़ रहा है। सबसे ज्याद फर्क यहां उद्यमियों पर पड़ रहा है क्योंकि उद्यमियों का सामान यहां देश विदेश तक जाता है, लेकिन विदेशों में कोरोना की मार अधिक है जिसके कारण समस्याएं बढ़ रही हैं।

दूसरे राज्यों में आर्डर लेने जाने से लग रहा डर

हैंडलूम वस्त्र व्यापार संघ के प्रधान नवीन अरोड़ा ने बताया कि कोरोना के बाद से अब जाकर कुछ हालात बाजार में सुधरे थे, लेकिन कोरोना के इस नये वैरिएंट को लेकर बाजार में दहशत दिखाई देनी शुरू हो गई है। व्यापारी कोशिश कर रहे हैं जो आर्डर तैयार है, उसे जल्द से जल्द मार्केट में निकाला जाएं और जिन पार्टियों के आॅर्डर हैं, वह समय पर भिजवाये जाएं। व्यापारियों का अन्य राज्यों में आना-जाना बंद हो गया है। जिसका असर बाजार पर पड़ना शुरू हुआ है। पहले जो व्यापारी आर्डर के लिये दूसरे राज्य जा रहे थे वह अब अन्य राज्यों में जाने से डर रहे हैं।

आॅर्डर कैंसिल होने से नुकसान में हैं व्यापारी

हैंडलूम वस्त्र व्यापार संघ के महामंत्री अंकुर गोयल ने बताया कि बाजार में ओमिक्रॉन वैरिएंट की दहशत है। पहले जहां केरल, तमिलनाडु, गुजरात राज्यों में आर्डर के लिये व्यापारी जा रहे थे। उन्होंने वहां जाना बंद कर दिया है और वहां से व्यापारी यहां भी नहीं आ रहे हैं। जिस कारण बाजार पर असर दिख रहा है। जो आॅर्डर हमारे पास बेडशीट, सूट आदि के तैयार हैं। उन्हें कोरोना की दशहत को देखते हुए कम दामों पर भी निकाला जा रहा है। जिससे बाजार मंदी झेल रहा है।

कैंची उद्योग हुआ प्रभावित, विदेशों तक है डिमांड

केके सीजर्स के आदिल ने बताया कि कैंची व्यापार इससे सबसे अधिक प्रभावित होता है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बाजार पर इसका असर पड़ना शुरू हो गया है। कैंची उद्योग तमिलनाडु, बिहार, केरल समेत तमाम राज्यों और दुबई आदि में फैला है। बाहर से काफी संख्या में आॅर्डर आते हैं, लेकिन कोरोना के नये वैरिएंट को लेकर बाजार में दहशत शुरू हो गई है, जो आॅर्डर विदेशों से थे वो कैंसिल होने शुरू हो गये हैं और जो स्टॉक है। उसे कम दामों में निकाला जा रहा है।

उद्यमियों ने बंद की प्रोडक्शन

आईआईए चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने कहा कि अभी उद्यमियों पर हालांकि ओमिक्रॉन का कोई खास असर नहीं है। आॅर्डर जो थे वो तैयार किये जा रहे हैं, लेकिन उद्यमियों ने अब इस बार प्रोडक्ट का स्टॉक करना बंद कर दिया है। जिससे हालात अगर पहले की तरह होते हैं तो माल रखा न रहे। जो आॅर्डर आ रहे हैं, उन्हें तैयार कर भेजा जा रहा है। विदेशों में ओमिक्रॉन के अधिक केस हैं जिसके चलते यहां प्रोडक्शन पर असर पड़ा है। जैसे-जैसे यहां केसों में वृद्धि हो रही है उसका सीधार असर उद्योग पर पड़ना लाजिमी है।

ओमिक्रॉन की दस्तक से फीकी हो सकती है होली

होली में ड्राईफ्रूट की भी अच्छी डिमांड होती है। मार्च में होली और अप्रैल में रोजा शुरू होने के बाद ड्राईफ्रूट की मांग बढ़ती है। 15 जनवरी से शुरू होने वाले वैवाहिक सीजन और मार्च में होली को लेकर ड्राईफ्रूट की मांग बढ़ने की उम्मीदें कम हुई है। फिलहाल शादी समारोह में 200 लोगों की संख्या निर्धारित है, जिसे कम भी किया जा सकता है।

फिलहाल उतनी ही डिमांड की जा रहा है, जितनी खपत हो सके। मिठाई कारोबारियों का कहना है कि होली को लेकर अभी इंतजार है। मिठाई में कच्चा माल ही लगता है। फरवरी के शुरुआती दिनों में ओमीक्रोन की स्थिति को देखने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। ओमीक्रोन के बढ़ते दायरे से होली का कारोबार बे-रंग होता दिख रहा है। खानपान, अबीर-गुलाल से लेकर कपड़ा और ड्राईफ्रूट के कारोबारी सहमे हुए हैं।

आॅर्डर देने से पहले कारोबारी काफी गुणा-भाग कर रहे हैं। कपड़ा और ड्राईफ्रूट के कारोबारी रूटीन खरीदारी ही कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी में ओमीक्रोन वायरस का संक्रमण पीक पर होगा। होली का त्योहार 18 मार्च को मनाया जाएगा। ऐसे में होली से जुड़े कारोबार पर असर साफ दिख रहा है। होली में सर्वाधिक मांग चिप्स, पापड़, मिठाई, ड्राईफ्रूट आदि की होती है।

मिठाइयों की मिठास भी होगी फीकी

शास्त्रीनगर नई सड़क स्थित रामचंद्र सहाय आनंद स्वरूप रेवड़ी एवं स्वीट्स के मालिक सचिन गुप्ता ने बताया कि त्योहारों का सीजन है और अब कोरोना ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। मकर संक्राति और मार्च में होली का सीजन आने को है, ऐसे में अगर कोरोना के मामलों में तेजी आई तो उनका व्यापार भी काफी हद तक प्रभावित होगा। आने वाले दिनों को लेकर आॅर्डरों पर भी काफी फर्क पड़ सकता है

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