जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: संघर्ष विराम की आड़ में पाकिस्तान एलओसी के नजदीक आतंकियों की बड़ी फौज खड़ी कर रहा है। पाकिस्तान के कब्जे वाले पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के सरहदी इलाकों के गांवों में आतंकियों की पाठशाला चल रही है। पाकिस्तानी सेना आतंकियों को घुसपैठ के लिए तैयार कर रही है। यह साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की है।
राजोरी और पुंछ जिलों की एलओसी से सटे पीओजेके के 24 गांवों में आतंकी कैंप चलाए जा रहे हैं। भारतीय सीमा के 5 सेक्टरों के सामने यह गांव मौजूद हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकियों के कैंप सरहद से दूर शिफ्ट कर दिए गए थे, लेकिन अब इनको गांवों में शिफ्ट कर दिया गया है, क्योंकि अब सरहद पर संघर्ष विराम के चलते कोई गोलीबारी नहीं होती। इस वजह से बिना किसी रोक टोक के गांव में आराम से इन कैंपों को चलाया जा रहा है।
करीब 200 आतंकियों को इन कैंपों में ट्रेनिंग देकर घुसपैठ के लिए तैयार किया जा रहा है। आईएसआई सर्दी शुरू होने से पहले इन आतंकियों को जम्मू संभाग में घुसपैठ करवाकर बड़े हमले कराना चाहती है। सूत्रों का कहना है कि आईएसआई पाकिस्तानी सेना की मदद से नवंबर में शुरू होने वाली बर्फबारी से पहले किसी भी तरह घुसपैठ करना चाहती है। घुसपैठ के लिए उड़ी, केरन, गुरेज, चकोटी, तंगधार, राजोरी और पुंछ के अलग अलग इलाकों में ट्रेनिंग कैंप और लांच पैड बनाए गए हैं।
भारतीय इलाकों के इन गांवों में हैं आतंकियों के कैंप
- पुंछ: पोती छपरा, कतिया, फगवार, देव रंडी, शेर, मंडोल, बटल, ट्रिनोट, शेआरा, रकार, बटा हलन, हेलन टाप घोंटा, सपाल टाप, रीड कटर, नेजा पीर, खोडी नूरकोट।
- मेंढर: नकयाल, डेरा शेर खान
- मंजाकोट: बिंबरनाका, चतराली
- नौशेरा: सेरी, मरूठा
- सुंदरबनी: नगुन शेर, गुल्डी
पिछले 2 महीने से एलओसी पार से बढ़ी घुसपैठ की कोशिशें
केस 1
5 अगस्त: राजोरी के दरहाल में घुसपैठ कर पहुंचे आतंकियों ने सेना के कैंप पर हमला किया। उड़ी जैसा हमला करने का प्रयास था, जिसे विफल कर दिया गया। दो आतंकियों को मारा गिराया गया।
केस 2
21 अगस्त को नौशेरा सेक्टर में फिदायीन हमला करने आए आतंकी को सेना ने पकड़ा था। आतंकी तबारक ने बताया कि उसे पाकिस्तानी सेना ने फिदायीन हमला करने के लिए भेजा था। उसे पास के ही एक गांव में प्रशिक्षण दिया गया था। हालांकि बाद में आतंकी की मौत हो गई।
केस 3
23 अगस्त को नौशेरा सेक्टर में घुसपैठ का प्रयास किया गया, लेकिन आतंकी सेना द्वारा लगाए लैंडमाइन में फंस गए और इसमें तीन आतंकी मारे गए।
केस 4
24 अगस्त को कश्मीर के उड़ी सेक्टर में घुसपैठ कर रहे 3 आतंकियों को सेना ने ढेर कर दिया था।
केस 5
6 सितंबर को जम्मू के अरनिया सेक्टर में आतंकियों ने घुसपैठ का प्रयास किया, लेकिन बीएसएफ के सतर्क जवानों की जवाबी कार्रवाई में इन आतंकियों को भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।

