जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पाकिस्तान में चल रहे राजनीतिक संकट में विपक्ष का नंबर गेम मजबूत हो रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को वापस ले लिया जाता है तो वह असेंबली भंग कर देंगे। यह जानकारी जियो न्यूज की एक रिपोर्ट में दी गई है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि एक महत्वपूर्ण शख्सियत ने इमरान खान का यह संदेश नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ तक पहुंचाया है। सूत्रों ने अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए असेंबली सत्र से पहले विपक्षी नेताओं की बैठक में यह बात सामने आई।
सूत्रों ने आगे बताया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह भी कहा है कि अगर विपक्षी दल मेरे इस सुझाव पर सहमत नहीं होते हैं तो मैं किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हूं। इसके बाद संयुक्त विपक्ष ने बैठक के दौरान इमरान खान के सुझाव और संदेश पर विचार-विमर्श किया है।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अधिकांश विपक्षी नेताओं ने यही सुझाव दिया है कि इमरान खान पर भरोसा न किया जाए। उनका कहना है कि इस समय हमारे पास असेंबली में पर्याप्त संख्या बल है। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव पर प्रक्रिया जितनी जल्दी पूरी हो जाती है हमें ही फायदा होगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक भी बुलाई
इमरान ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक भी बुलाई है। यह सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा के लिए पाकिस्तान का सर्वोच्च मंच है। एक दिन पहले ही इमरान ने प्रभावी रूप से संसद में बहुमत खो दिया था जब सत्ताधारी गठबंधन सरकार के एक सहयोगी दल ने उनका साथ छोड़ दिया और अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्षी दलों के खेमे में शामिल हो गया।
सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने एक ट्वीट में बताया कि यह बैठक प्रधानमंत्री के आवास पर होगी। इसमें सेवाओं के प्रमुख, मुख्य मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और शीर्ष खुफिया अधिकारी शामिल होंगे। चौधरी ने एक अन्य ट्वीट में बताया कि इमरान खान आज शाम देश को भी संबोधित करेंगे। हालांकि, उनके संबोधन की तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

